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हाथरस : मंडी में प्रतिदिन पहुंच रहा चार हजार क्विंटल धान
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हाथरस : मंडी में बिकता धान। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मंडी समिति धान की आवक के साथ फिर से गुलजार हो गई है। मंडी में प्रतिदिन करीब चार हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। अब तक मंडी में करीब 20 हजार क्विंटल धान पहुंच गया है। 25 सौ से तीन हजार रुपये क्विंटल धान के दाम मिलने से किसानों के चेहरे खुशी से खिले हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि मंडी समिति में कई माह से राजस्व का संकट था। कर्मी जैसे-तैसे राजस्व का लक्ष्य पूरा कर रहे थे। अब अक्तूबर माह की शुरुआत के साथ मंडी प्रशासन को 62 लाख रुपये का लक्ष्य मिला है। धान की आवक सही है। इन-दिनों मंडी समिति में सुगंधा, पी टेन आदि प्रजातियों का धान आ रहा है। यह धान 25 सौ से तीन हजार रुपये क्विंटल में बिक रहा है। धान की आवक से मंडी प्रशासन के लिए भी राजस्व का लक्ष्य हासिल करने की डगर आसान हो गई है। मंडी में जगह-जगह धान के ढेर लगे हुए हैं।
धान में आया रोग, उत्पादन भी हुआ कम
मंडी समिति में धान लेकर आने वाले किसानों का कहना है कि बीते महीनों में हुई बारिश से धान की फसल प्रभावित हुई है। एक बीघा में तीन क्विंटल धान निकल रहा है। इसके अलावा फसल में रोग आ गया है। इस कारण धान सफेद रंग का हो गया है। ऐेसे में किसानों को धान बेचने में परेशानी आ रही है।
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इस बार धान का उत्पादन कम हुआ है। एक बीघा में तीन से सवा तीन क्विंटल तक धान निकल रहा है। इस बार हालांकि धान का मूल्य सही है। इस बार धान पिछले साल से महंगा बिक रहा है।
-अनिल कुमार, किसान
धान की फसल में रोग लग गया है। इस कारण फसल प्रभावित हुई है। आवक कम होने से धान के रेट भी इस बार ज्यादा है। क्रय केंद्रों पर मोटा धान लिया जा रहा है। जिले में मोटे धान का उत्पादन कम है।
-विष्णु कुमार, किसान
इस बार 62 लाख रुपये का लक्ष्य मिला है। प्रतिदिन मंडी में चार हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। अब तक करीब 20 हजार कुंतल धान मंडी में आ गया है। कोशिश यह है कि किसानों को उनकी सही दाम मिले, इसलिए बोली का सहारा भी लिया जा रहा है।
-यशपाल सिंह मंडी सचिव।
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मंडी समिति धान की आवक के साथ फिर से गुलजार हो गई है। मंडी में प्रतिदिन करीब चार हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। अब तक मंडी में करीब 20 हजार क्विंटल धान पहुंच गया है। 25 सौ से तीन हजार रुपये क्विंटल धान के दाम मिलने से किसानों के चेहरे खुशी से खिले हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि मंडी समिति में कई माह से राजस्व का संकट था। कर्मी जैसे-तैसे राजस्व का लक्ष्य पूरा कर रहे थे। अब अक्तूबर माह की शुरुआत के साथ मंडी प्रशासन को 62 लाख रुपये का लक्ष्य मिला है। धान की आवक सही है। इन-दिनों मंडी समिति में सुगंधा, पी टेन आदि प्रजातियों का धान आ रहा है। यह धान 25 सौ से तीन हजार रुपये क्विंटल में बिक रहा है। धान की आवक से मंडी प्रशासन के लिए भी राजस्व का लक्ष्य हासिल करने की डगर आसान हो गई है। मंडी में जगह-जगह धान के ढेर लगे हुए हैं।
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धान में आया रोग, उत्पादन भी हुआ कम
मंडी समिति में धान लेकर आने वाले किसानों का कहना है कि बीते महीनों में हुई बारिश से धान की फसल प्रभावित हुई है। एक बीघा में तीन क्विंटल धान निकल रहा है। इसके अलावा फसल में रोग आ गया है। इस कारण धान सफेद रंग का हो गया है। ऐेसे में किसानों को धान बेचने में परेशानी आ रही है।
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इस बार धान का उत्पादन कम हुआ है। एक बीघा में तीन से सवा तीन क्विंटल तक धान निकल रहा है। इस बार हालांकि धान का मूल्य सही है। इस बार धान पिछले साल से महंगा बिक रहा है।
-अनिल कुमार, किसान
धान की फसल में रोग लग गया है। इस कारण फसल प्रभावित हुई है। आवक कम होने से धान के रेट भी इस बार ज्यादा है। क्रय केंद्रों पर मोटा धान लिया जा रहा है। जिले में मोटे धान का उत्पादन कम है।
-विष्णु कुमार, किसान
इस बार 62 लाख रुपये का लक्ष्य मिला है। प्रतिदिन मंडी में चार हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। अब तक करीब 20 हजार कुंतल धान मंडी में आ गया है। कोशिश यह है कि किसानों को उनकी सही दाम मिले, इसलिए बोली का सहारा भी लिया जा रहा है।
-यशपाल सिंह मंडी सचिव।