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हाथरस : एसबीएम ग्रामीण में कार्यरत संविदा कर्मियों के शैक्षिक अभिलेखों की हो जांच
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में कार्यरत संविदा कर्मियों के शैक्षिक अभिलेख की जांच सहित कई मामलों को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने अपने ही विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर संघ के पदाधिकारियों ने सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए कहा है कि उक्त बिंदुओं का संज्ञान लेकर मामले का निस्तारण कराया जाए।
ज्ञापन में मांग की है कि ब्लॉक सहपऊ के ग्राम प्रधानों द्वारा अनाधिकृत रूप से किए गए नारेबाजी एवं उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन के बाबत सचिवों के स्थानांतरण की किसी भी कार्य करने से पूर्व जांच कराई जाए। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत नियुक्त संविदा कर्मियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच व गलत पाए जाने पर निशक्त करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच तीन सदस्यीय जांच कमेटी से कराई जाए।
संवर्ग को मिलने वाली बोनस की धनराशि विगत दो वर्षों से नहीं दी गई है जिसको तत्काल दिलाया जाए। शासन स्तर से मान्यता प्राप्त संघों के पदाधिकारियों से समस्याओं एवं विचार विमर्श के लिए प्रत्येक माह नियुक्त प्राधिकारी के साथ बैठक करने के आदेश है, उक्त आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। संवर्ग के छह साथियों की स्थायी वेतन वृद्धि रोकी गई थीं, उस पर से रोक हटाई जाए। पंचायत निर्वाचन में सचिवों द्वारा बनाए गए बूथों की धनराशि आज तक नहीं मिली है, उसे तत्काल दिलाया जाए। संवाद
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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में कार्यरत संविदा कर्मियों के शैक्षिक अभिलेख की जांच सहित कई मामलों को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने अपने ही विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर संघ के पदाधिकारियों ने सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए कहा है कि उक्त बिंदुओं का संज्ञान लेकर मामले का निस्तारण कराया जाए।
ज्ञापन में मांग की है कि ब्लॉक सहपऊ के ग्राम प्रधानों द्वारा अनाधिकृत रूप से किए गए नारेबाजी एवं उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन के बाबत सचिवों के स्थानांतरण की किसी भी कार्य करने से पूर्व जांच कराई जाए। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत नियुक्त संविदा कर्मियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच व गलत पाए जाने पर निशक्त करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच तीन सदस्यीय जांच कमेटी से कराई जाए।
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संवर्ग को मिलने वाली बोनस की धनराशि विगत दो वर्षों से नहीं दी गई है जिसको तत्काल दिलाया जाए। शासन स्तर से मान्यता प्राप्त संघों के पदाधिकारियों से समस्याओं एवं विचार विमर्श के लिए प्रत्येक माह नियुक्त प्राधिकारी के साथ बैठक करने के आदेश है, उक्त आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। संवर्ग के छह साथियों की स्थायी वेतन वृद्धि रोकी गई थीं, उस पर से रोक हटाई जाए। पंचायत निर्वाचन में सचिवों द्वारा बनाए गए बूथों की धनराशि आज तक नहीं मिली है, उसे तत्काल दिलाया जाए। संवाद
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