{"_id":"61d0a5802f7bb010d14cf783","slug":"hathras-due-to-the-death-of-vinay-a-wave-of-mourning-also-ran-in-rasulpur-hathras-news-ali282060175","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : विनय की मौत से रसूलपुर में भी दौड़ी शोक की लहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : विनय की मौत से रसूलपुर में भी दौड़ी शोक की लहर
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
वैष्णो देवी में हुई भगदड़ में मारे गए गांव रसूलपुर निवासी विनय कुमार के पिता महेशचंद्र दिल्ली जल बोर्ड में कर्मचारी हैं और पूरे परिवार सहित कई वर्षों से दिल्ली में ही रहते हैं। गांव के प्रधान गुलशन कुमार ने बताया कि गांव में विनय के चाचा निरंजन सिंह और रमेशचंद्र और अन्य परिवार वाले ही रहते हैं।
जैसे ही विनय की मृत्यु की सूचना यहां रह रहे परिवार वालों को मिली, वैसे ही परिवार के लोग दिल्ली रवाना हो गए। यहां घर पर कोई मौजूद नहीं था, अलबत्ता घटना के संबंध में जानकारी लेने के लिए गांव के लोगों का आना-जाना जारी था। गांव के लोग सांत्वना देने के लिए परिवार वालों के लौटने का इंतजार कर रहे थे। विनय की इस तरह मौत से गांव के लोग भी काफी दुखी थे। संवाद
विज्ञापन
वैष्णो देवी में हुई भगदड़ में मारे गए गांव रसूलपुर निवासी विनय कुमार के पिता महेशचंद्र दिल्ली जल बोर्ड में कर्मचारी हैं और पूरे परिवार सहित कई वर्षों से दिल्ली में ही रहते हैं। गांव के प्रधान गुलशन कुमार ने बताया कि गांव में विनय के चाचा निरंजन सिंह और रमेशचंद्र और अन्य परिवार वाले ही रहते हैं।
जैसे ही विनय की मृत्यु की सूचना यहां रह रहे परिवार वालों को मिली, वैसे ही परिवार के लोग दिल्ली रवाना हो गए। यहां घर पर कोई मौजूद नहीं था, अलबत्ता घटना के संबंध में जानकारी लेने के लिए गांव के लोगों का आना-जाना जारी था। गांव के लोग सांत्वना देने के लिए परिवार वालों के लौटने का इंतजार कर रहे थे। विनय की इस तरह मौत से गांव के लोग भी काफी दुखी थे। संवाद
विज्ञापन