फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: DPRO suspended for financial irregularities and many other allegations

हाथरस : वित्तीय अनियमितता व अन्य कई आरोपों को लेकर डीपीआरओ निलंबित

Fri, 06 May 2022 11:55 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2022 11:55 PM IST
विज्ञापन
Hathras: DPRO suspended for financial irregularities and many other allegations
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) गोवर्धन दास जैन को शासन ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने शासनादेश के विपरीत कंप्यूटर सेट की केंद्रीयकृत आपूर्ति कराकर गंभीर वित्तीय अनियमितता की है। नियमानुसार कंप्यूटरों की खरीद ग्राम प्रधान व सचिव स्तर से होनी चाहिए थी। इसके अलावा अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने सहित अन्य कई आरोप भी उन पर लगे हैं। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने डीपीआरओ के निलंबन की पुष्टि की है।
शासन से आए पत्र में कहा गया है कि जिला पंचायतराज अधिकारी गोवर्धन दास जैन ने शासनादेश के विपरीत पंचायत सचिवालयों को कंप्यूटर सेंट की केंद्रीय आपूर्ति कराकर गंभीर वित्तीय अनियमितता की है। प्रभारी जिला पंचायतराज अधिकारी के पदीय दायित्वों का निर्वहन सुचारु रूप से संपादित न करने, कार्यालय एवं अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण रख पाने में वे नाकाम रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में निर्मित सामुदायिक शौचालय एवं पंचायत घरों के निर्माण में पाई गई विभिन्न कमियों को ठीक न कराए जाने, इन भवनों को क्रियाशील न कराए जाने का आरोप भी उन पर है। इसके अलावा उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की लगातार अवहेलना करने आदि अनियमितताओं में प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर जैन को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में उप निदेशक एसएन सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन की अवधि में जीडी जैन पंचायतराज निदेशालय से संबद्ध रहेंगे। उनके निलंबन के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नियम विरुद्ध कंप्यूटरों की आपूर्ति करवाकर रखवाया कमरों में
हाथरस। जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) गोवर्धन दास जैन के निलंबन के प्रकरण में यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि जिले की सभी 463 ग्राम पंचायतों के पंचायतघरों में कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट, फर्नीचर, कैमरे से लैस किए जाने की योजना है। शासन ने यह निर्देश दिए थे कि यह सभी सामान ग्राम प्रधान व सचिव अपने स्तर से ही खरीदेंगे, लेकिन इस मामले में बड़ी अनियमितता सामने आई थी। आगरा की एक फर्म से कंप्यूटर मंगवा लिए गए और उन्हें कमरों में रखवा दिया था। प्रधान व सचिवों को इसकी जानकारी ही नहीं थी। यह बात जब डीएम तक पहुंची तो उन्होंने जिन कमरोें में कंप्यूटर रखे थे, उनमें ताला लगवा दिया था। साथ ही नियम विरुद्ध कंप्यूटरों की आपूर्ति की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। हालांकि जिस फर्म ने यह कंप्यूटर आपूर्ति किए थे, उसका भुगतान नहीं हुआ है। इस अनियमितता की गूंज शासन तक पहुंची थी। यह प्रकरण डीपीआरओ के निलंबन की मुख्य वजह बना। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed