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हाथरस : डेंगू, मलेरिया के मरीजों के इलाज में न बरतें कोताही
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हाथरस : कुरसंडा में स्वास्थ्य शिविर में खून के नमूने लेते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : SADABAD
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आरबी भास्कर ने संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और चिकित्सालय में आने वालेे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ ने कहा कि वर्तमान मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसे जानलेवा रोगों से ग्रसित मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने जिले में संचालित निजी लैब के संचालकों को निर्देश दिए कि अपनी लैबों पर जांच की रेट सूची चस्पा करना सुनिश्चित करें। बुखार से पीड़ित मरीजों का समुचित इलाज एवं टेस्टिंग करें और साथ ही मानवता को ध्यान में रखते हुए पीड़ित मरीजों के प्रति अपनी सहानुभूति दिखाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे पीड़ित मरीजों को इन्फेक्शन से बचाया जा सके। चिकित्सालय में आए बुखार पीड़ित व्यक्ति के खून की स्लाइड अवश्य बनाई जाए, ताकि यह पता चल सके कि बुखार किस प्रकार का है।
सीएमओ ने बताया कि अब तक संदिग्ध बुखार के एलाइजा टेस्ट के माध्यम से 42 डेंगू टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं और डेंगू किट से 1637 मरीजों की जांच की गई, जिसमें सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। स्वास्थ्य टीम को भेजकर सर्वे कराया जा रहा है। 12 घरों में लार्वा पाया गया है। इनके खिलाफ धारा 188 के अंतर्गत नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
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30 स्थानों पर फॉगिंग कराई गई है। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों से बचाव के लिए घरों के बर्तनों व कूलर के पानी को खाली कराया जा रहा है। संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर कंट्रोल रूम संचालित है। एसीएमओ डॉ. मुकेश, एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह, एसीएमओ डॉ. संतोष, डॉ. मधुर, डॉ. नरेश और डॉ. पवन के साथ निजी लैब संचालक भी मौजूद थे। संवाद
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मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आरबी भास्कर ने संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और चिकित्सालय में आने वालेे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ ने कहा कि वर्तमान मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसे जानलेवा रोगों से ग्रसित मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने जिले में संचालित निजी लैब के संचालकों को निर्देश दिए कि अपनी लैबों पर जांच की रेट सूची चस्पा करना सुनिश्चित करें। बुखार से पीड़ित मरीजों का समुचित इलाज एवं टेस्टिंग करें और साथ ही मानवता को ध्यान में रखते हुए पीड़ित मरीजों के प्रति अपनी सहानुभूति दिखाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे पीड़ित मरीजों को इन्फेक्शन से बचाया जा सके। चिकित्सालय में आए बुखार पीड़ित व्यक्ति के खून की स्लाइड अवश्य बनाई जाए, ताकि यह पता चल सके कि बुखार किस प्रकार का है।
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सीएमओ ने बताया कि अब तक संदिग्ध बुखार के एलाइजा टेस्ट के माध्यम से 42 डेंगू टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं और डेंगू किट से 1637 मरीजों की जांच की गई, जिसमें सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। स्वास्थ्य टीम को भेजकर सर्वे कराया जा रहा है। 12 घरों में लार्वा पाया गया है। इनके खिलाफ धारा 188 के अंतर्गत नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
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30 स्थानों पर फॉगिंग कराई गई है। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों से बचाव के लिए घरों के बर्तनों व कूलर के पानी को खाली कराया जा रहा है। संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर कंट्रोल रूम संचालित है। एसीएमओ डॉ. मुकेश, एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह, एसीएमओ डॉ. संतोष, डॉ. मधुर, डॉ. नरेश और डॉ. पवन के साथ निजी लैब संचालक भी मौजूद थे। संवाद