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हाथरस : अलीगढ़ की घटना के बाद शराब, बीयर की दुकानों की चेकिंग
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने के बाद लगातार हो रहीं मौतों की चिंता यहां भी पुलिस-प्रशासन में देखने को मिली। पुलिस और प्रशासन की टीम ने देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर पहुंचकर चेकिंग की और बार कोड से इन दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया।
बता दें कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अंग्रेजी और देसी शराब के ठेके हैं, लेकिन आज तक इन ठेकों पर किसी प्रकार की गलत शराब की बिक्री को कोई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन अलीगढ़ में देसी शराब के ठेकों से बिकी शराब को पीने के बाद हो रहीं मौतों ने इस दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है। सवाल यह है कि एक तरफ तो सरकार अधिकृत ठेकों से ही शराब खरीदने के लिए जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन जब अधिकृत ठेकों से ही जहरीली शराब की बिक्री होगी तो किस पर भरोसा किया जाए।
अलीगढ़ की घटना के बाद शनिवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह, सीओ सुरेंद्र सिंह ने नगर में अभियान चलाकर सभी प्रकार की शराब की दुकानों पर स्टॉक की चेकिंग की। अधिकारियों ने बोतलों पर लगे हॉलमार्क के फोटो और बैच नंबर भी नोट किए। इनका रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा।
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बता दें कि कोतवाली पुलिस की सजगता से कुछ दिन एटा रोड स्थित गांव गुलाबपुर में मिलावटी शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। यहां से बड़ी संख्या में देसी शराब के भरे और खाली पौव्वे बरामद किए गए थे। एक ट्रैक्टर भी पकड़ा गया था, जिसमें शराब की पेटियां आपूर्ति के लिए रखी मिली थीं। स्प्रिट के ड्रम भी मिले थे। सरकारी शराब के पौव्वों पर लगने वाले हॉलमार्क भी मिले। अगर यह शराब न पकड़ी जाती और बाजार में बेच दी जाती तो इसे पीने से क्या होता, इसका अंदाजा अलीगढ़ की घटना से स्वत: ही लगाया जा सकता है।
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अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने के बाद लगातार हो रहीं मौतों की चिंता यहां भी पुलिस-प्रशासन में देखने को मिली। पुलिस और प्रशासन की टीम ने देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर पहुंचकर चेकिंग की और बार कोड से इन दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया।
बता दें कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अंग्रेजी और देसी शराब के ठेके हैं, लेकिन आज तक इन ठेकों पर किसी प्रकार की गलत शराब की बिक्री को कोई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन अलीगढ़ में देसी शराब के ठेकों से बिकी शराब को पीने के बाद हो रहीं मौतों ने इस दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है। सवाल यह है कि एक तरफ तो सरकार अधिकृत ठेकों से ही शराब खरीदने के लिए जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन जब अधिकृत ठेकों से ही जहरीली शराब की बिक्री होगी तो किस पर भरोसा किया जाए।
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अलीगढ़ की घटना के बाद शनिवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह, सीओ सुरेंद्र सिंह ने नगर में अभियान चलाकर सभी प्रकार की शराब की दुकानों पर स्टॉक की चेकिंग की। अधिकारियों ने बोतलों पर लगे हॉलमार्क के फोटो और बैच नंबर भी नोट किए। इनका रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा।
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बता दें कि कोतवाली पुलिस की सजगता से कुछ दिन एटा रोड स्थित गांव गुलाबपुर में मिलावटी शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। यहां से बड़ी संख्या में देसी शराब के भरे और खाली पौव्वे बरामद किए गए थे। एक ट्रैक्टर भी पकड़ा गया था, जिसमें शराब की पेटियां आपूर्ति के लिए रखी मिली थीं। स्प्रिट के ड्रम भी मिले थे। सरकारी शराब के पौव्वों पर लगने वाले हॉलमार्क भी मिले। अगर यह शराब न पकड़ी जाती और बाजार में बेच दी जाती तो इसे पीने से क्या होता, इसका अंदाजा अलीगढ़ की घटना से स्वत: ही लगाया जा सकता है।