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हाथरस : शुभ मुहुर्तों से कारोबारियों को घाटे की भरपाई की आस
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलते ही मंगलवार को शहर के बाजार यथावत खुल गए। इससे कारोबारियों के चेहरे पर राहत के भाव नजर आए। कारोबारियों को उम्मीद है कि सहालग के सीजन में 11 शुभ मुहूर्त में वह अपने नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। इसके साथ ही दुकानों में रखा माल का स्टॉक भी बिकने की उम्मीद है। कर्फ्यू में ढील के बाद मंगलवार को खुले बाजारों में पहले दिन अच्छी-खासी रौनक नजर आई। रेडीमेड, बर्तन और अन्य सामान के विक्रेताओं के यहां खरीदारों की चहल-पहल दिखाई दी।
उल्लेखनीय है कि कोरोना कर्फ्यू के चलते शहर में कपड़ा, बर्तन, सराफ और अन्य वस्तुओं की दुकानें पिछले कई दिनों से बंद चल रही थीं। मंगलवार को बाजार खुलते ही बाजारों की रौनक लौट आई। खास बात यह है कि जून व जुलाई में शादियों के 11 शुभ मुहूर्त हैं। जिले के किसान फसलों के बेचकर आगे के कार्यक्रमों करने की जुगत में जुट गए हैं। वैसे भी जिले का बाजार किसानों पर टिका हुआ है। कारोबारियों को उम्मीद है कि बाजार खुलने से बचे-खुचे सहालग में वह न केवल अपने नुकसान की भरपाई कर सकेंगे, बल्कि दुकानों में रखा स्टॉक भी निकाल सकेंगे।
इस बार सहालग में कोरोना कर्फ्यू के चलते बाजार बंद रहा। अब जून व जुलाई की सहालग में माल के स्टॉक के निकलने की उम्मीद है। बाजार खुलने से इन सहालगों में 30 से 40 फीसदी नुकसान की भरपाई हो सकती है।
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-प्रेमप्रकाश, बर्तन कारोबारी
हालांकि शादियां तो कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी हुई हैं, लेकिन उनमें सीमित संख्या में लोग शामिल हुए। अब अनलॉक में शादियां होंगी तो मेहमानों की संख्या भी बढ़ेगी, इसलिए साड़ी व अन्य सामान की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
-विजय कुमार, साड़ी कारोबारी
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कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलते ही मंगलवार को शहर के बाजार यथावत खुल गए। इससे कारोबारियों के चेहरे पर राहत के भाव नजर आए। कारोबारियों को उम्मीद है कि सहालग के सीजन में 11 शुभ मुहूर्त में वह अपने नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। इसके साथ ही दुकानों में रखा माल का स्टॉक भी बिकने की उम्मीद है। कर्फ्यू में ढील के बाद मंगलवार को खुले बाजारों में पहले दिन अच्छी-खासी रौनक नजर आई। रेडीमेड, बर्तन और अन्य सामान के विक्रेताओं के यहां खरीदारों की चहल-पहल दिखाई दी।
उल्लेखनीय है कि कोरोना कर्फ्यू के चलते शहर में कपड़ा, बर्तन, सराफ और अन्य वस्तुओं की दुकानें पिछले कई दिनों से बंद चल रही थीं। मंगलवार को बाजार खुलते ही बाजारों की रौनक लौट आई। खास बात यह है कि जून व जुलाई में शादियों के 11 शुभ मुहूर्त हैं। जिले के किसान फसलों के बेचकर आगे के कार्यक्रमों करने की जुगत में जुट गए हैं। वैसे भी जिले का बाजार किसानों पर टिका हुआ है। कारोबारियों को उम्मीद है कि बाजार खुलने से बचे-खुचे सहालग में वह न केवल अपने नुकसान की भरपाई कर सकेंगे, बल्कि दुकानों में रखा स्टॉक भी निकाल सकेंगे।
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इस बार सहालग में कोरोना कर्फ्यू के चलते बाजार बंद रहा। अब जून व जुलाई की सहालग में माल के स्टॉक के निकलने की उम्मीद है। बाजार खुलने से इन सहालगों में 30 से 40 फीसदी नुकसान की भरपाई हो सकती है।
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-प्रेमप्रकाश, बर्तन कारोबारी
हालांकि शादियां तो कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी हुई हैं, लेकिन उनमें सीमित संख्या में लोग शामिल हुए। अब अनलॉक में शादियां होंगी तो मेहमानों की संख्या भी बढ़ेगी, इसलिए साड़ी व अन्य सामान की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
-विजय कुमार, साड़ी कारोबारी