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Hathras News: फैक्टरियों के लिए कबाड़ की मंडी बना हाथरस
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मथुरा रोड पर बिना जीएसटीएन बोर्ड लगाए संचालित होती कबाड़ की दुकान। संवाद
- फोटो : Samvad
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लोहा गलाने वाली फैक्टरियों के लिए हाथरस कबाड़ की बड़ी मंडी के रूप में उभर रहा है। शहर के मथुरा रोड, पत्थरवाली रोड, आगरा रोड और कई मोहल्लों में लोहा कबाड़ का कारोबार हो रहा है।
जिले में करीब 220 पंजीकृत फर्म हैं, जबकि लगभग 700 फर्मों का संचालन हो रहा है। कबाड़ की खरीद-फरोख्त छोटे से बड़े स्तर तक हो रही है। हालात यह हैं कि पंजीकृत कारोबारियों ने भी अपनी फर्म या गोदाम के बाहर फर्म का नाम और जीएसटी नंबर नहीं लिख रखा है। न ही इनके द्वारा बिल वाउचर रखे जा रहे हैं।
बिना बिलिंग और दस्तावेजों के कबाड़ का लेन-देन होने से राजस्व का नुकसान होने से इंकार नहीं किया जा सकता। घरों से निकलने वाले कबाड़ से लेकर पुराने मकानों को तोड़ने वाले ठेकेदारों तक से बिना किसी वैध दस्तावेज के लोहा खरीदा जा रहा है। इससे जीएसटी चोरी की आशंका और बढ़ गई है। जिले में ही बड़े पैमाने पर कच्चे माल की खपत होने के कारण यह कारोबार जीएसटी चोरी के लिए भी ''सेफ'' बनता जा रहा है।
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लोहा कबाड़ के सरगना भूरा प्रधान की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की ओर से प्रदेश भर में बोगस फर्म संचालकों की धरपकड़ की जा रही है। पूरे सिंडीकेट को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सख्ती का असर अभी जमीन पर नहीं दिख रहा है।
विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा के संयुक्त आयुक्त अनिल कनौजिया ने बताया कि लोहा कबाड़ के कारोबार का कोई बड़ा डाटा हाथरस में सामने नहीं आया है, अगर आता है तो नियमानुसार उसकी जांच होगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में करीब 220 पंजीकृत फर्म हैं, जबकि लगभग 700 फर्मों का संचालन हो रहा है। कबाड़ की खरीद-फरोख्त छोटे से बड़े स्तर तक हो रही है। हालात यह हैं कि पंजीकृत कारोबारियों ने भी अपनी फर्म या गोदाम के बाहर फर्म का नाम और जीएसटी नंबर नहीं लिख रखा है। न ही इनके द्वारा बिल वाउचर रखे जा रहे हैं।
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बिना बिलिंग और दस्तावेजों के कबाड़ का लेन-देन होने से राजस्व का नुकसान होने से इंकार नहीं किया जा सकता। घरों से निकलने वाले कबाड़ से लेकर पुराने मकानों को तोड़ने वाले ठेकेदारों तक से बिना किसी वैध दस्तावेज के लोहा खरीदा जा रहा है। इससे जीएसटी चोरी की आशंका और बढ़ गई है। जिले में ही बड़े पैमाने पर कच्चे माल की खपत होने के कारण यह कारोबार जीएसटी चोरी के लिए भी ''सेफ'' बनता जा रहा है।
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लोहा कबाड़ के सरगना भूरा प्रधान की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की ओर से प्रदेश भर में बोगस फर्म संचालकों की धरपकड़ की जा रही है। पूरे सिंडीकेट को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सख्ती का असर अभी जमीन पर नहीं दिख रहा है।
विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा के संयुक्त आयुक्त अनिल कनौजिया ने बताया कि लोहा कबाड़ के कारोबार का कोई बड़ा डाटा हाथरस में सामने नहीं आया है, अगर आता है तो नियमानुसार उसकी जांच होगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।