{"_id":"5e9f2af38ebc3e90ad28f843","slug":"hathras-arogya-setu-download-with-nutritional-delivery-hathras-news-ali2318891199","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस: पोषाहार वितरण के साथ कराया आरोग्य सेतु डाउनलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस: पोषाहार वितरण के साथ कराया आरोग्य सेतु डाउनलोड
विज्ञापन
हाथरस: एक युवक को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करातीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोविड-19 के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए इस समय पूरे देश में लॉकडाउन है, लेकिन कोरोना बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने पहल शुरू कर लाभार्थियों के घर तक पुष्टाहार पहुंचाना शुरू किया है। इस काम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना योद्धा की तरह ही अपने काम में जुट गई हैं।
जनपद में संचालित 1712 आंगनबाड़ी केंद्रों को दो भागों में बांट कर 20 और 21 अप्रैल को पोषाहार का वितरण किया जा रहा है। 20 अप्रैल को जनपद के 870 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण किया गया और बचे हुए केंद्रों की आंगनबाड़ी द्वारा मंगलवार को वितरण किया गया।
डीपीओ डीके सिंह ने बताया शासन के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पोषाहार वितरित कर रहीं हैं और पोषाहार देने से पहले लाभार्थियों के हाथों को सैनिटाइज करा रहीं हैं और आरोग्य सेतु एप भी उनके मोबाइल में डाउनलोड करवा रहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोविड-19 के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए इस समय पूरे देश में लॉकडाउन है, लेकिन कोरोना बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने पहल शुरू कर लाभार्थियों के घर तक पुष्टाहार पहुंचाना शुरू किया है। इस काम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना योद्धा की तरह ही अपने काम में जुट गई हैं।
जनपद में संचालित 1712 आंगनबाड़ी केंद्रों को दो भागों में बांट कर 20 और 21 अप्रैल को पोषाहार का वितरण किया जा रहा है। 20 अप्रैल को जनपद के 870 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण किया गया और बचे हुए केंद्रों की आंगनबाड़ी द्वारा मंगलवार को वितरण किया गया।
विज्ञापन
डीपीओ डीके सिंह ने बताया शासन के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पोषाहार वितरित कर रहीं हैं और पोषाहार देने से पहले लाभार्थियों के हाथों को सैनिटाइज करा रहीं हैं और आरोग्य सेतु एप भी उनके मोबाइल में डाउनलोड करवा रहीं हैं।
विज्ञापन