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हाथरस : आखिरकार ग्रामीणों को कैसे मुहैया होगी गांव में ही बैंकिंग सेवा

Fri, 23 Jul 2021 11:57 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 11:57 PM IST
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Hathras: After all, how will the banking service be provided to the villagers in the village itself
प्रशांत भारती
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हाथरस। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिये महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। इस क्रम में ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों व अन्य लोगों को बैंकिंग सुविधा आसानी से मुहैया हो सके, इसके लिए बैंक सखी बनाई जा रही हैं। जिले में योजना को पलीता लगाया जा रहा है। जिले में 461 बैंक सखी का चयन तो कर लिया गया है, लेकिन अभी तक महज तीन बैंक सखी को ही सक्रिय किया गया है। इस कारण ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग सेवा नहीं मिल पा रही है।
शासन स्तर से ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय की मुहिम के तहत विभिन्न कार्यों की शुरुआत की जा रही है। इस क्रम में ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत लोगों व अन्य सरकारी योजनाओं में कार्यरत कार्मिकों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक सखी बनाई गई हैं। जिले में में 461 बैंक सखी बनाई गई हैं। इनमें से वर्तमान में महज तीन बीसी सखी को ही डिवाइस उपलब्ध कराई गई हैं।
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डिवाइस व अन्य उपकरण उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से मनिपाल टेक्नोलॉली बैंक को नामित किया गया है। उच्चाधिकारियों की अनदेखी के चलते इस योजना की गति थमी हुई है। बैंक सखी के जरिये किसी भी ग्राम पंचायत में पैसे की निकासी और लेन देन आदि कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है। संवाद
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ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के जरिये प्रशिक्षण
हाथरस। शासन स्तर से ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत बैंक सखियों को प्रशिक्षण देने का भी प्राविधान किया गया है। जिले में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के जरिये बैंक सखियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले में 461 के सापेक्ष अभी तक 196 बैंक सखियों को ही प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण समन्वयक एनके सेंगर ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण प्रशिक्षण को बीच में रोकना पड़ गया था।
योजना का उद्देश्य
प्रत्येेक गांव में ग्रामीणों को बैंकिंग की सुविधा मुहैया कराई जाए। ग्राम पंचायत के मनरेगा मजदूरों, किसान सम्मान निधि, आवास निर्माण की धनराशि, समूहों की बचत, ऋण के अलावा जमा और निकासी की सुविधा गांव में ही मिल सके।

बैंक सखियों के जरिये ग्रामीण क्षेत्र में लेनदेन, नकद निकासी और अन्य सुविधाएं ग्रामीणों को दी जाएंगी। अभी तीन ही बैंक सखियों को डिवाइस मिल सकी है। जल्द ही सभी बैंक सखियों को सक्रिय किया जाएगा।
-रंजन सिंह, जिला समन्वयक, एनआरएलएम
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