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हाथरस: डेढ़ महीने बाद लापता मासूम का नर कंकाल खेत में मिला, सनसनी फैली
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हाथरस: मृतक विशाल का फाइल फोटो।
- फोटो : SASNI
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
क्षेत्र के ग्राम बरसै से करीब डेढ़ महीने से लापता मासूम विशाल उर्फ सूखा (9 वर्ष) पुत्र मुकेश निवासी बरसै के शव का कंकाल बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11 बजे गांव के जंगलों से बरामद किया गया है। गेहूं की फसल काटते वक्त कुछ मजदूरों की नजर इस कंकाल पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और गांव वालों को दी। मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। लापता बच्चे के परिजनों को भी मौके पर बुलवा लिया गया।
कपड़ों के आधार पर परिजनों ने इस कंकाल की पहचान विशाल उर्फ सूखा के रूप में की। पुलिस ने कंकाल और उसके पास से मिले कपड़ों को कब्जे में ले लिया है। पंचनामा भरकर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस घटना के पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस क्षेत्राधिकारी रामशब्द यादव ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि अब तक की छानबीन में अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बच्चे की मौत किन हालातों में हुई।
दरअसल, ग्राम बरसै निवासी मुकेश पुत्र मिहीलाल मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। 27 फरवरी को मुकेश का 9 वर्षीय पुत्र विशाल उर्फ सूखा गांव के खेतों में आलू बीनने के लिए गया था और लौटकर नहीं आया। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। परिजनों को चिंता सताने लगी। पीड़ित पिता ने मासूम पुत्र विशाल के लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। विशाल गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ता था। गांव के रनवीर सिंह के खेत में बृहस्पतिवार को गेहूं की कटाई कर रहे थे। अचानक खेत में एक मासूम के कंकाल देखकर वह सकते में आ गए। इसी खेत में एक बच्चे के कपड़े भी थे।
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मजदूरों ने इसकी सूचना तुरंत गांव वालों को दी। मौके पर ग्रामीणों का तांता लग गया। प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कौशिक भी दलबल सहित मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मिले कंकाल और कपड़ों को कब्जे में ले लिया। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर कंकाल की शिनाख्त विशाल उर्फ सूखा के रूप में कर ली। बच्चे की मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मचा है। गांव में सन्नाटा पसर गया है। चर्चा है कि मौत की सूचना के बाद भी घटनास्थल पर मासूम की मां नहीं गई थी। यह बच्चा अपने पिता की चार संतान दो पुत्र और दो पुत्रियों में सबसे छोटा था।
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क्षेत्र के ग्राम बरसै से करीब डेढ़ महीने से लापता मासूम विशाल उर्फ सूखा (9 वर्ष) पुत्र मुकेश निवासी बरसै के शव का कंकाल बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11 बजे गांव के जंगलों से बरामद किया गया है। गेहूं की फसल काटते वक्त कुछ मजदूरों की नजर इस कंकाल पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और गांव वालों को दी। मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। लापता बच्चे के परिजनों को भी मौके पर बुलवा लिया गया।
कपड़ों के आधार पर परिजनों ने इस कंकाल की पहचान विशाल उर्फ सूखा के रूप में की। पुलिस ने कंकाल और उसके पास से मिले कपड़ों को कब्जे में ले लिया है। पंचनामा भरकर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस घटना के पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस क्षेत्राधिकारी रामशब्द यादव ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि अब तक की छानबीन में अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बच्चे की मौत किन हालातों में हुई।
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दरअसल, ग्राम बरसै निवासी मुकेश पुत्र मिहीलाल मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। 27 फरवरी को मुकेश का 9 वर्षीय पुत्र विशाल उर्फ सूखा गांव के खेतों में आलू बीनने के लिए गया था और लौटकर नहीं आया। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। परिजनों को चिंता सताने लगी। पीड़ित पिता ने मासूम पुत्र विशाल के लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। विशाल गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ता था। गांव के रनवीर सिंह के खेत में बृहस्पतिवार को गेहूं की कटाई कर रहे थे। अचानक खेत में एक मासूम के कंकाल देखकर वह सकते में आ गए। इसी खेत में एक बच्चे के कपड़े भी थे।
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मजदूरों ने इसकी सूचना तुरंत गांव वालों को दी। मौके पर ग्रामीणों का तांता लग गया। प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कौशिक भी दलबल सहित मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मिले कंकाल और कपड़ों को कब्जे में ले लिया। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर कंकाल की शिनाख्त विशाल उर्फ सूखा के रूप में कर ली। बच्चे की मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मचा है। गांव में सन्नाटा पसर गया है। चर्चा है कि मौत की सूचना के बाद भी घटनास्थल पर मासूम की मां नहीं गई थी। यह बच्चा अपने पिता की चार संतान दो पुत्र और दो पुत्रियों में सबसे छोटा था।