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हाथरस : चीन की झालर से तौबा, स्वदेशी से रोशन होगी दिवाली
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हाथरस : दुकान पर लटकीं रंग बिरंगी झालरें। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जैसे-जैसे दिवाली का पर्व नजदीक आ रहा है, बाजार त्योहार के सामान से सजे नजर आ रहे हैं। शहर के मुख्य बाजारों में इलेक्ट्रिकल सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार बाजार में एक्साइज ड्यूटी महंगी होने से दुकानदार चीन में निर्मित झालरों को कम मंगा रहे हैं। ग्राहक भी इन्हें कम पसंद कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कोरोना के दो साल बाद दिवाली पर लोग खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। लोगों का रुझान स्वदेशी झालरों की ओर बढ़ा है। बाजार में 25 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की झालर मौजूद हैं, जो लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। चीन की झालर यदि एक बार खराब हो जाती है तो सही करना मुश्किल है। स्वदेशी झालर आसानी से सही हो जाती हैं, इसलिए स्वदेशी झालरों की मांग ज्यादा है। संवाद
ये झालर हैं बाजार में मौजूद
- 25 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की झालर
- वे लाइटिंग दो सौ पचास रुपये से एक हजार रुपये तक
- डलिया लाइटिंग तीन सौ रुपये से एक हजार रुपये तक।
- रंगीन बल्ब 40 रुपये से लेकर 200 रुपये तक।
- दीपक जो पानी से जलता है। जिसकी शुरुआत 15 रुपये है।
पानी से जल रहा दीपक, रोशन होंगे घर
इस बार झालरों के बाजार में पानी से जलने वाला दीपक आया है। यह दीपक ऐसा है। इसमें पानी कर दो यह जल जाता है। पानी खत्म होने के बाद बुझ जाता है। फिर पानी करने पर जल जाता है। ये ग्राहकों को अधिक पसंद आ रहा है। झालर विक्रेता इसकी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए आने वाले दिनों में इस दीपक के दाम बढ़ सकते हैं।
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हमारे यहां 25 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की झालर मौजूद हैं। चीन की झालरों की अपेक्षा लोग स्वदेशी झालरों की मांग कर रहे हैं। चीन की झालर एक्साइज ड्यूटी के चलते महंगी हो गई हैं। साथ ही उनकी लंबाई भी कम कर दी गई है, इसलिए खरीदारों का रुझान भी इनके प्रति घटा है।
- दाऊदयाल वार्ष्णेय, झालर विक्रेता
रोशनी के त्योहार पर बाजर में नये-नये आयटम आए हैं। इस बार लोगों में त्योहार को लेकर ज्यादा उत्साह है। लाइटिंग, झालर आदि सामान की लोग बिक्री कर रहे हैं। स्वदेशी झालरों का स्टॉक ज्यादा किया गया है। धनतेरस से बाजार में बूम की उम्मीद है।
-नवीन शर्मा, झालर विक्रेता।
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जैसे-जैसे दिवाली का पर्व नजदीक आ रहा है, बाजार त्योहार के सामान से सजे नजर आ रहे हैं। शहर के मुख्य बाजारों में इलेक्ट्रिकल सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार बाजार में एक्साइज ड्यूटी महंगी होने से दुकानदार चीन में निर्मित झालरों को कम मंगा रहे हैं। ग्राहक भी इन्हें कम पसंद कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कोरोना के दो साल बाद दिवाली पर लोग खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। लोगों का रुझान स्वदेशी झालरों की ओर बढ़ा है। बाजार में 25 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की झालर मौजूद हैं, जो लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। चीन की झालर यदि एक बार खराब हो जाती है तो सही करना मुश्किल है। स्वदेशी झालर आसानी से सही हो जाती हैं, इसलिए स्वदेशी झालरों की मांग ज्यादा है। संवाद
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ये झालर हैं बाजार में मौजूद
- 25 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की झालर
- वे लाइटिंग दो सौ पचास रुपये से एक हजार रुपये तक
- डलिया लाइटिंग तीन सौ रुपये से एक हजार रुपये तक।
- रंगीन बल्ब 40 रुपये से लेकर 200 रुपये तक।
- दीपक जो पानी से जलता है। जिसकी शुरुआत 15 रुपये है।
पानी से जल रहा दीपक, रोशन होंगे घर
इस बार झालरों के बाजार में पानी से जलने वाला दीपक आया है। यह दीपक ऐसा है। इसमें पानी कर दो यह जल जाता है। पानी खत्म होने के बाद बुझ जाता है। फिर पानी करने पर जल जाता है। ये ग्राहकों को अधिक पसंद आ रहा है। झालर विक्रेता इसकी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए आने वाले दिनों में इस दीपक के दाम बढ़ सकते हैं।
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हमारे यहां 25 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की झालर मौजूद हैं। चीन की झालरों की अपेक्षा लोग स्वदेशी झालरों की मांग कर रहे हैं। चीन की झालर एक्साइज ड्यूटी के चलते महंगी हो गई हैं। साथ ही उनकी लंबाई भी कम कर दी गई है, इसलिए खरीदारों का रुझान भी इनके प्रति घटा है।
- दाऊदयाल वार्ष्णेय, झालर विक्रेता
रोशनी के त्योहार पर बाजर में नये-नये आयटम आए हैं। इस बार लोगों में त्योहार को लेकर ज्यादा उत्साह है। लाइटिंग, झालर आदि सामान की लोग बिक्री कर रहे हैं। स्वदेशी झालरों का स्टॉक ज्यादा किया गया है। धनतेरस से बाजार में बूम की उम्मीद है।
-नवीन शर्मा, झालर विक्रेता।