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हाथरस: मौसी के साथ ज्वार के खेत में गुजारा एक दिन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
मौसी की गिरफ्तारी के साथ बरामद किशोरी ने घर पहुंचने पर फरारी के दौरान की जो दास्तां सुनाई उसे सुनकर परिवार वालों के मुंह से आह निकल उठी। इस किशोरी ने बताया कि फरारी के दौरान एक दिन पुलिस के डर से मौसी ने उसे लेकर पूरा दिन एक ज्वार के खेत में बिताया। एक हफ्ते तक वह मौसी के साथ वृंदावन के परिक्रमा पथ पर भूखे-प्यासे भटकती रही।
इस किशोरी ने बताया कि मौसी और उसके बड़े बेटे के साथ दो दिन तक वह इगलास के बसई में रही। वहां पता चला कि पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए आ रही है तो मौसी उसे वहां से लेकर भागी। पुलिस के डर की वजह से उन्होंने पूरा एक दिन किसी गांव में ज्वार के खेत में गुजारा। इसके बाद मौसी वृंदावन ले गई। वृंदावन में सात-आठ दिन तक परिक्रमा मार्ग में वह मौसी के साथ भटकती रही। इस दौरान उसे कुछ भी नहीं खिलाया। भूखी ही इधर से उधर मौसी के साथ भटकती रही।
इसके बाद मौसी उसे लेकर छटीकरा पहुंची। वहां पर पुल के पास बैठे हुए थे। वहां एक रिश्तेदार ने मौसी को सलाह दी कि वह अपने आप को पुलिस के हवाले कर दे। कब इस तरह भागती रहेगी। इसके बाद पुलिस उन्हें पकड़कर अपने साथ ले र्गई। किशोरी ने बताया कि बहन की मौत के बारे में मौसी ने कुछ नहीं बताया था। घर आने पर पता चला है।
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मौसी की गिरफ्तारी के साथ बरामद किशोरी ने घर पहुंचने पर फरारी के दौरान की जो दास्तां सुनाई उसे सुनकर परिवार वालों के मुंह से आह निकल उठी। इस किशोरी ने बताया कि फरारी के दौरान एक दिन पुलिस के डर से मौसी ने उसे लेकर पूरा दिन एक ज्वार के खेत में बिताया। एक हफ्ते तक वह मौसी के साथ वृंदावन के परिक्रमा पथ पर भूखे-प्यासे भटकती रही।
इस किशोरी ने बताया कि मौसी और उसके बड़े बेटे के साथ दो दिन तक वह इगलास के बसई में रही। वहां पता चला कि पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए आ रही है तो मौसी उसे वहां से लेकर भागी। पुलिस के डर की वजह से उन्होंने पूरा एक दिन किसी गांव में ज्वार के खेत में गुजारा। इसके बाद मौसी वृंदावन ले गई। वृंदावन में सात-आठ दिन तक परिक्रमा मार्ग में वह मौसी के साथ भटकती रही। इस दौरान उसे कुछ भी नहीं खिलाया। भूखी ही इधर से उधर मौसी के साथ भटकती रही।
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इसके बाद मौसी उसे लेकर छटीकरा पहुंची। वहां पर पुल के पास बैठे हुए थे। वहां एक रिश्तेदार ने मौसी को सलाह दी कि वह अपने आप को पुलिस के हवाले कर दे। कब इस तरह भागती रहेगी। इसके बाद पुलिस उन्हें पकड़कर अपने साथ ले र्गई। किशोरी ने बताया कि बहन की मौत के बारे में मौसी ने कुछ नहीं बताया था। घर आने पर पता चला है।
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