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हाथरस : शहर में शामिल हुईं 11 ग्राम पंचायतों को गांव के हिसाब से मिल रही बिजली

Tue, 20 Sep 2022 11:46 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2022 11:46 PM IST
सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस तीन साल पहले शहर में शामिल हुईं 11 ग्राम पंचायतों को आज भी ग्रामीण क्षेत्र के रोस्टर के हिसाब से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।इनको शहरी रोस्टर के हिसाब से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।

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Hathras: 11 gram panchayats that joined the city are getting electricity according to the village

विस्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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तीन साल पहले शहर में शामिल हुईं 11 ग्राम पंचायतों को आज भी ग्रामीण क्षेत्र के रोस्टर के हिसाब से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। देहात की बिजली मिलने के कारण लोग जरूरी कामकाज नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। अब नये अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह इन ग्राम पंचायतों को शहर के हिसाब से बिजली आपूर्ति देने की योजना बनवाने की बात कह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले शहर से सटी 11 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था। नगर पालिका क्षेत्र में पहले 27 वार्ड थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 35 हो गई है, लेकिन शहर में शामिल हुईं ग्राम पंचायतों में तीन साल बाद भी बिजली आपूर्ति ग्रामीण अंचल के रोस्टर के अनुरूप मिल रही है। ग्रामीणों में इसे लेकर नाराजगी है। संवाद
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छह घंटे कम मिल रही बिजली
तीन साल पहले मीतई, गिजरौली, तरफरा, हाथरस देहात, जोगिया, नगला कुंवरजी, सोखना, गढ़ी तमना, दयानतपुर, हतीसा, नहरोई, नगला धनसिंह सहित कुछ ग्राम पंचायतों का आंशिक क्षेत्र शहरी क्षेत्र में शामिल हो गया। सीमा बढ़ने के साथ नगर पालिका की आबादी दो लाख 10 हजार पहुंच गई। इधर, शहरी विद्युत खंड में आज भी बिजली विभाग के आंकड़े के अनुसार 34 हजार उपभोक्ता हैं। इनको शहरी रोस्टर के हिसाब से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। वैसे मुख्यालय के आदेश पर शहर में 24 घंटे व देहात को 18 घंटे बिजली की रोस्टर के अनुसार आपूर्ति हो रही है। इस कारण शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों को तीन साल बाद भी छह घंटे बिजली की आपूर्ति कम हो रही है। इस कारण लोगों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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शहर में शामिल होने के बाद आज भी नई इलाकों को देहात के रोस्टर के अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इस कारण बिना बिजली के खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी शहर में शामिल करने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-गगन शर्मा
हमारा गांव नगर पालिका क्षेत्र में तीन साल पहले शामिल हो गया है। इसके बाद मूलभूत सुविधाओं के अलावा बिजली आपूर्ति भी शहर के हिसाब से नहीं मिल रही है। 18 घंटे बिजली मिल रही है। यदि शहरी क्षेत्र की आपूर्ति मिल जाए काफी राहत मिलेगी।
-श्याम सुंदर राणा
हमारा गांव भी तीन साल पहले शहरी सीमा में शामिल हो गया। इसके बावजूद पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। इस कारण दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। यदि शहरी बिजली मिले तो बच्चों की पढ़ाई से लेकर कामकाज में राहत मिलेगी।
-यदुवीर सिंह
एक तो बिजली व्यवस्था वैसे ही भगवान भरोसे चल रही है। ऊपर से बिजली आपूर्ति भी ग्रामीण अंचल के हिसाब से की जा रही है। जब हमारा गांव नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हो गया है तो बिजली आपूर्ति भी शहरी क्षेत्र के हिसाब से मिलनी चाहिए।

-रिंकू शर्मा
जो गांव शहर में शामिल हुए हैं, उनको शहरी रोस्टर के हिसाब से बिजली उपलब्ध कराने के लिए योजना तैयार की जाएगा। इस संबंध में आला अफसरों से वार्ता की जाएगी। मैं हाल में आया हूं, इसलिए बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करना मेरी प्राथमिकता है।
-अभिषेक सिंह, अधिशासी अभियंता शहर
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