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हाथरस : बुखार बना काल, दो दिन में छह लोगों की गई जान
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
विकास खंड के गांव टीकरी खुर्द में बुखार मौत बन कर कहर ढा रहा है। गांव में पिछले दो दिनों में छह लोगों की जान बुखार की वजह से जा चुकी है। सभी को बुखार आया और सांस लेने में तकलीफ हुई उसके बाद मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों से लोगों में भय व दहशत का माहौल है। शिक्षक नेता ने जिलाधिकारी से गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है।
बता दें कि गांव निवासी दिनेश पुत्र जोरावर सिंह (50) को मामूली सर्दी जुकाम बुखार था। यकायक इसको सांस लेने में तकलीफ हुई तो बागला अस्पताल ले जाया गया। जहां इसे ऑक्सीजन दी गई लेकिन थोड़ी ही देर में मौत हो गई। इसी प्रकार बुधपाल पुत्र कुंवर सहाय (70) वीरवती पत्नी होती लाल (60) रानी पत्नी मुंशीलाल (60), अरनेश पत्नी राजेंद्र सिंह (48) व मुन्नीदेवी पत्नी रामशंकर को कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था।
गांव में ही इनका इलाज चल रहा था। सबको सांस लेने में तकलीफ हुई और दो दिन के अंदर सभी की मौत हो गई। गांव में कोविड टेस्ट की सुविधा न होने से इनकी जांच नहीं हो पाई। शिक्षक नेता विजयवीर सिंह ने जिलाधिकारी से गांव में चिकित्सकों की टीम भेजने का आग्रह किया है।
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विकास खंड के गांव टीकरी खुर्द में बुखार मौत बन कर कहर ढा रहा है। गांव में पिछले दो दिनों में छह लोगों की जान बुखार की वजह से जा चुकी है। सभी को बुखार आया और सांस लेने में तकलीफ हुई उसके बाद मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों से लोगों में भय व दहशत का माहौल है। शिक्षक नेता ने जिलाधिकारी से गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है।
बता दें कि गांव निवासी दिनेश पुत्र जोरावर सिंह (50) को मामूली सर्दी जुकाम बुखार था। यकायक इसको सांस लेने में तकलीफ हुई तो बागला अस्पताल ले जाया गया। जहां इसे ऑक्सीजन दी गई लेकिन थोड़ी ही देर में मौत हो गई। इसी प्रकार बुधपाल पुत्र कुंवर सहाय (70) वीरवती पत्नी होती लाल (60) रानी पत्नी मुंशीलाल (60), अरनेश पत्नी राजेंद्र सिंह (48) व मुन्नीदेवी पत्नी रामशंकर को कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था।
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गांव में ही इनका इलाज चल रहा था। सबको सांस लेने में तकलीफ हुई और दो दिन के अंदर सभी की मौत हो गई। गांव में कोविड टेस्ट की सुविधा न होने से इनकी जांच नहीं हो पाई। शिक्षक नेता विजयवीर सिंह ने जिलाधिकारी से गांव में चिकित्सकों की टीम भेजने का आग्रह किया है।
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