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Hathras: दहेज हत्या में पति सहित चार को 14 साल कैद की सजा, आठ माह की गर्भवती थी मृतका
Sat, 29 Jun 2024 11:03 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 29 Jun 2024 11:03 PM IST
सार
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत चारों आरोपियों पति लोकेंद्र, सास गौरा देवी, जेठ नागेंद्र, जेठानी प्रीति को दोषी करार देते हुए 14 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी चचिया ससुर रामबाबू पुत्र लाल सहाय को दोष मुक्त कर दिया।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
हाथरस अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन हर्ष अग्रवाल के न्यायालय ने आठ महीने की गर्भवती विवाहिता की दहेज के लिए हत्या के मामले में पति सहित चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मृतका आठ माह की गर्भवती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आठ माह के भ्रूण की मृत्यु मृतका के साथ हो गई थी। न्यायालय ने इस अपराध के लिए आईपीसी की धारा 316 के तहत चारों दोषियों को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी शिवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जनपद कासगंज के थाना गंजडुंडवारा के गांव बहोटा निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र रामवीर सिंह ने थाना सादाबाद में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि उन्होंने अपनी बेटी अंशु की शादी 20 जून 2018 को लोकेंद्र प्रताप सिंह पुत्र महावीर सिंह निवासी ग्राम राजनगर थाना सादाबाद के साथ दान-दहेज देकर की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल पक्ष के लोग उससे अतिरिक्त दहेज मांगते थे और उनकी बेटी को प्रताड़ित करते थे। एक महीने पहले जब उनकी बेटी घर आई थी। तब उसने बताया कि उसे पांच लाख रुपये मांगने के लिए प्रताड़ित करते हैं और कहते हैं कि जब आओ, तब रुपये लेकर आना।
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बेटी ने बताया था कि लोकेंद्र सिंह के चाचा उसके पति को उकसाते हैं। बेटी ने यह भी बताया था कि यह लोग उसके साथ कभी भी किसी भी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इससे पहले जब बेटी उनके घर पर आई थी तो यह लोग घर पर आए थे। इस दौरान बेटी ने आने से मना कर रही थी, लेकिन कुछ लोगों के कहने पर उन्होंने बेटी को भेज दिया था। एक सितंबर 2020 को उन्हें अज्ञात व्यक्ति से सूचना मिली कि उनकी बेटी की हत्या कर दी गई है। वह जब यहां आए तो उन्हें सादाबाद के अस्पताल में बेटी का शव मिला। उन्हें पता लगा कि लोकेंद्र व बड़े भाई नागेंद्र, उसकी पत्नी प्रीति, सास आदि ने मिलकर उनकी बेटी की पीटकर हत्या कर दी है। उनकी बेटी लगभग आठ माह की गर्भवती भी थी।
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इस मामले में थाना सादाबाद में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन हर्ष अग्रवाल के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत चारों आरोपियों पति लोकेंद्र, सास गौरा देवी, जेठ नागेंद्र, जेठानी प्रीति को दोषी करार देते हुए 14 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी चचिया ससुर रामबाबू पुत्र लाल सहाय को दोष मुक्त कर दिया। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।