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Hathras News: दूध पिलाने के बाद डकार न दिलाने से छह माह में पांच बच्चों की मौत

Sat, 18 Jul 2026 02:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sat, 18 Jul 2026 02:20 AM IST
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Five infants died within six months due to not being burped after feeding.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
नवजात को दूध पिलाने के बाद डकार न दिलाना जानलेवा साबित हो रहा है। जिले में बीते छह माह के दौरान सांस नली में दूध फंसने से पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल में हर महीने एक-दो ऐसे मामले भी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, दूध पिलाने के बाद शिशु को कंधे पर रखकर कम से कम 10 मिनट तक थपकी देकर डकार दिलाना जरूरी है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शून्य से 12 माह तक के बच्चों को दूध पिलाने के सही तरीकों को लेकर जागरूकता की कमी है। स्तनपान और पाउडर का दूध दोनों के लिए यह स्पष्ट है कि जब तक बच्चा डकार नहीं लेता है, तब तक उसे नीचे रखकर सुलाना नहीं चाहिए।
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जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि नवजात शिशुओं की भोजन नली और श्वास नली बेहद करीब होती हैं। उनके गले की मांसपेशियां और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होते। यदि बच्चे को लेटकर दूध पिलाया जाए या दूध पिलाने के तुरंत बाद पीठ के बल सुला दिया जाए तो दूध वापस ऊपर आ सकता है। ऐसी स्थिति में दूध श्वास नली में चला जाता है, जिससे दम घुटने का खतरा पैदा हो जाता है। कई बार बच्चा रो भी नहीं पाता और स्थिति जानलेवा बन जाती है।
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घर-घर जाकर परिवार करेंगे सतर्क
सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि पिछले कुछ महीने में सांस नली में दूध जमने से बच्चों की मौत के मामले बढ़े हैं। ये ऐसी घटनाएं हैं जिन्हें रोका जा सकता था, लेकिन पर्याप्त जानकारी न होने की वजह से परिवारों ने अपने नौनिहाल खो दिए। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। घर घर जाकर परिवारों को सतर्क किया जाएगा और उन्हें बताया जाएगा कि नवजात शिशु खासतौर पर छह से सात माह के शिशु को डकार दिलवाना कितना जरूरी है।


अगर पाउडर वाला दूध है तो ये गलती न करें
. दूध बनाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।
. पानी को उबालकर गुनगुना होने दें।
. डिब्बे पर दिए गए अनुपात का पालन करें।
. पहले पानी डालें, फिर पाउडर मिलाएं।
. दूध पिलाने से पहले तापमान जांच लें।
. बचा हुआ दूध दोबारा इस्तेमाल न करें।


इन बातों का रखें विशेष ध्यान..दूध पिलाते समय
. बच्चे को गोद में लेकर दूध पिलाएं।
. सिर को पेट के स्तर से थोड़ा ऊंचा रखें।
. लेटकर दूध पिलाने से बचें।

डकार दिलाना जरूरी
. दूध पिलाने के बाद बच्चे को कम से कम 20 मिनट तक कंधे से लगाकर रखें।
. पीठ पर हल्की थपकी दें ताकि डकार निकल सके।
सुलाने का सही तरीका
. डकार दिलाने के बाद ही बच्चे को सुलाएं।
. सिर का हिस्सा हल्का ऊंचा रखें।
रात में बरतें अतिरिक्त सावधानी
. अधिकांश हादसे रात या तड़के होते हैं।
. थकान के कारण बिना डकार दिलाए बच्चे को न सुलाएं।
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