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गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को नहीं किया जा रहा स्वरोजगार के लिए तैयार
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बीपीएल परिवारों को नहीं किया जा रहा स्वरोजगार के लिए तैयार
डीडीओ के आरसेटी के निरीक्षण में हुआ खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। आरसेटी का डीडीओ अवधेश सिंह यादव ने औचक निरीक्षण किया। मौके पर बीपीएल परिवारों के बच्चों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण नहीं दिए जाने की बात सामने आई। इस दौरान एसईसीसी -2011 के तहत भी पात्रों को चिन्हित नहीं किया गया है।
स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का डीडीओ अवधेश सिंह यादव ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो बैच संचालित पाए गए। एक बैच में महिलाओं को सिलाई की टे्रनिंग दी जा रही थी। वहीं दूसरे बैच में लडक़ों को एसी, फ्रिज आदि इलेक्ट्रॉनिक सामानों की मरम्मत आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
डीडीओ ने बच्चों के चयन और लाभार्थियों के बारे में जानकारी ली। जानकारी में यह सामने आया कि एसईसीसी -2011 एवं बीपीएल 2002 के चिन्हित परिवारों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है, जबकि यह प्रशिक्षण गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को देकर स्वावलंबी बनाने के लिए शासन स्तर से संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन यहां इस सरकारी योजनाओं में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को वंचित रखने का काम किया जा रहा है। डीडीओ ने बताया कि संस्थान के संचालकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जाए। इस मौके पर डायरेक्टर अजीत कुमार, एनके सेंगर, हर्षित वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।
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डीडीओ के आरसेटी के निरीक्षण में हुआ खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। आरसेटी का डीडीओ अवधेश सिंह यादव ने औचक निरीक्षण किया। मौके पर बीपीएल परिवारों के बच्चों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण नहीं दिए जाने की बात सामने आई। इस दौरान एसईसीसी -2011 के तहत भी पात्रों को चिन्हित नहीं किया गया है।
स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का डीडीओ अवधेश सिंह यादव ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो बैच संचालित पाए गए। एक बैच में महिलाओं को सिलाई की टे्रनिंग दी जा रही थी। वहीं दूसरे बैच में लडक़ों को एसी, फ्रिज आदि इलेक्ट्रॉनिक सामानों की मरम्मत आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
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डीडीओ ने बच्चों के चयन और लाभार्थियों के बारे में जानकारी ली। जानकारी में यह सामने आया कि एसईसीसी -2011 एवं बीपीएल 2002 के चिन्हित परिवारों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है, जबकि यह प्रशिक्षण गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को देकर स्वावलंबी बनाने के लिए शासन स्तर से संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन यहां इस सरकारी योजनाओं में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को वंचित रखने का काम किया जा रहा है। डीडीओ ने बताया कि संस्थान के संचालकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जाए। इस मौके पर डायरेक्टर अजीत कुमार, एनके सेंगर, हर्षित वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।
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