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232 करोड़ की अमृत योजना शासन से मंजूर
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2016 11:37 PM IST
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हाथरस। शहर की सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के प्रस्तावों पर राज्य सरकार की मोहर लग चुकी है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। वहां से हरी झंडी मिलते ही इस योजना के कामों के लिए धनराशि जारी होनी शुरू हो जाएगी। चेयरमैन डौली माहौर और उनके प्रतिनिधि वासुदेव माहौर के प्रयास से हाथरस का नाम अमृत योजना में शामिल हुआ था।
योजना को लेकर अब तक लखनऊ में लगभग एक दर्जन बैठकें हो चुकी हैं। बैठक में हाथरस नगर पालिका द्वारा लगभग 232 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे गए थे। लखनऊ बैठक में इन प्रस्तावों को पास कर दिया गया है। 232 करोड़ के प्रस्ताव में शहर में सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइप लाइन, पुरानी पाइपों की मरम्मत, शहर के पार्कों का सौंदर्यीकरण, जलकल संस्थान में वाटर टेस्टिंग लैब सहित अन्य कार्य होने हैं। अमृत योजना से शहर का विकास कराए जाने के लिए जुलाई के आखिरी सप्ताह या अगस्त के प्रथम सप्ताह में पहली किस्त आ सकती है। शासन से पहली किस्त आते ही शहर में विकास कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। योजना से शहर की सबसे गंभीर जलभराव की समस्या का भी निदान हो जाएगा। चेयरमैन प्रतिनिधि वासुदेव माहौर ने कहा कि अमृत योजना में शहर का नाम शामिल कराने के लिए काफी प्रयास किए गए थे। अब पहली किस्त जुलाई या अगस्त में आते ही विकास कार्य तेजी से कराए जाएंगे। शहर की जनता को पेयजल आपूर्ति और जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। पार्कों का भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
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योजना को लेकर अब तक लखनऊ में लगभग एक दर्जन बैठकें हो चुकी हैं। बैठक में हाथरस नगर पालिका द्वारा लगभग 232 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे गए थे। लखनऊ बैठक में इन प्रस्तावों को पास कर दिया गया है। 232 करोड़ के प्रस्ताव में शहर में सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइप लाइन, पुरानी पाइपों की मरम्मत, शहर के पार्कों का सौंदर्यीकरण, जलकल संस्थान में वाटर टेस्टिंग लैब सहित अन्य कार्य होने हैं। अमृत योजना से शहर का विकास कराए जाने के लिए जुलाई के आखिरी सप्ताह या अगस्त के प्रथम सप्ताह में पहली किस्त आ सकती है। शासन से पहली किस्त आते ही शहर में विकास कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। योजना से शहर की सबसे गंभीर जलभराव की समस्या का भी निदान हो जाएगा। चेयरमैन प्रतिनिधि वासुदेव माहौर ने कहा कि अमृत योजना में शहर का नाम शामिल कराने के लिए काफी प्रयास किए गए थे। अब पहली किस्त जुलाई या अगस्त में आते ही विकास कार्य तेजी से कराए जाएंगे। शहर की जनता को पेयजल आपूर्ति और जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। पार्कों का भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
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