{"_id":"669ef383d2ee71fdc0060354","slug":"due-to-financial-constraints-two-daughters-could-not-get-admission-in-ninth-class-hathras-news-c-56-1-sali1016-117799-2024-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: तंगी से दो बेटियों का नौवीं कक्षा में नहीं हो सका दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: तंगी से दो बेटियों का नौवीं कक्षा में नहीं हो सका दाखिला
Tue, 23 Jul 2024 05:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 23 Jul 2024 05:34 AM IST
विज्ञापन
बहटा में पांचवीं बेटी पैदा होने पर अवसाद के चलते जान देने वाले विनीत के घर सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। सभी जुबां पर यही सवाल है कि बेटियां बोझ नहीं थीं, फिर क्याें जान दे दी।
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बहटा निवासी विनीत पुत्र नेत्रपाल हाथरस जंक्शन क्षेत्र के पांच बेटियां हैं। मृतक की पत्नी मालती देवी ने बताया कि पहली बेटी रोनू (15) और बबली (13) कक्षा आठ में सलेमपुर स्थित सरकारी जूनियर स्कूल में पढ़ने जाती थीं। इस साल आर्थिक तंगी के चलते दूसरे विद्यालय में नौवीं कक्षा में उनका दाखिला नहीं हो पाया। वहीं तीसरी बेटी 11 वर्षीय सोना कक्षा छह में परिषदीय विद्यालय में पढ़ती है। चौथी बेटी नौ वर्षीय डिंपल कक्षा 4 में गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय पढ़ती है।
पिता की मौत के बाद पांचवीं बेटी का फिलहाल नामकरण नहीं हो पाया है। मृतक के राशन कार्ड में पति और पत्नी का नाम है। बच्चों के नाम राशन कार्ड में नहीं हैं। विनीत पहले गुजरात में काम करते थे। लॉकडाउन के बाद वह गांव में आकर रहने लगे। उनके परिवार को सरकार की तरफ से कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है। मकान भी गिरासू अवस्था में है। यहां तक कि महिला समूह के अंतर्गत उन्होंने दो निजी समूहों से 50-50 हजार रुपये का कर्ज भी ले रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बहटा निवासी विनीत पुत्र नेत्रपाल हाथरस जंक्शन क्षेत्र के पांच बेटियां हैं। मृतक की पत्नी मालती देवी ने बताया कि पहली बेटी रोनू (15) और बबली (13) कक्षा आठ में सलेमपुर स्थित सरकारी जूनियर स्कूल में पढ़ने जाती थीं। इस साल आर्थिक तंगी के चलते दूसरे विद्यालय में नौवीं कक्षा में उनका दाखिला नहीं हो पाया। वहीं तीसरी बेटी 11 वर्षीय सोना कक्षा छह में परिषदीय विद्यालय में पढ़ती है। चौथी बेटी नौ वर्षीय डिंपल कक्षा 4 में गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय पढ़ती है।
विज्ञापन
पिता की मौत के बाद पांचवीं बेटी का फिलहाल नामकरण नहीं हो पाया है। मृतक के राशन कार्ड में पति और पत्नी का नाम है। बच्चों के नाम राशन कार्ड में नहीं हैं। विनीत पहले गुजरात में काम करते थे। लॉकडाउन के बाद वह गांव में आकर रहने लगे। उनके परिवार को सरकार की तरफ से कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है। मकान भी गिरासू अवस्था में है। यहां तक कि महिला समूह के अंतर्गत उन्होंने दो निजी समूहों से 50-50 हजार रुपये का कर्ज भी ले रखा है।
विज्ञापन