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मौसम की मार: इस बार आधी रह गई आलू की पैदावार, किसानों के चेहरे मुरझाए

Tue, 18 Feb 2025 01:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Updated Tue, 18 Feb 2025 01:05 AM IST
सार

पिछले साल 25-30 क्विंटल प्रति बीघा तक आलू निकला था, लेकिन इस बार 10 से 15 क्विंटल प्रति बीघा निकल रहा है। आलू का आकार भी छोटा रह गया है। किसानों का कहना है कि इसमें तो उनकी लागत भी नहीं निकल पाएगी।

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potato yield has reduced to half
सादाबाद के  गांव सूमरा में ट्रेक्टर से आलू की खुदाई करता किसान - फोटो : संवाद

विस्तार

सादाबाद और सहपऊ क्षेत्र में आलू की फसल की खोदाई शुरू हो गई है। आलू खेत से बाहर आया तो किसानों के चेहरे मुरझा गए। पिछले साल की अपेक्षा इस साल प्रति बीघा 10 क्विंटल तक आलू कम निकल रहा है। इस बार तापमान अधिक रहने और ठंड कम पड़ने को पैदावार में आई गिरावट की वजह माना जा रहा है।

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सादाबाद और सहपऊ क्षेत्र में आलू ही प्रमुख नकदी फसल है। यहां के अधिकांश किसान इसी की खेती पर निर्भर हैं। जिले के सर्वाधिक शीतगृह भी इसी क्षेत्र में हैं। आलू की खोदाई शुरू हो गई है। कम पैदावार देख किसान चिंता में घिर गए हैं। पिछले साल 25-30 क्विंटल प्रति बीघा तक आलू निकला था, लेकिन इस बार 10 से 15 क्विंटल प्रति बीघा निकल रहा है। आलू का आकार भी छोटा रह गया है। किसानों का कहना है कि इसमें तो उनकी लागत भी नहीं निकल पाएगी।

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इस वर्ष पिछले साल के घाटे को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की। उम्मीद थी कि इस बार फसल अच्छी होगी, लेकिन इस बार तो फसल पिछले साल से भी आधी रह गई।-जितेंद्र सिंह, सूमरा।

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इस बार आलू काफी कम निकल रहा है। तापमान अधिक रहने की वजह से इस बार आलू जमीन के अंदर फूला ही नहीं है। कुछ दिनों में खोदाई में और अधिक तेजी आ जाएगी, तभी सही स्थिति पता चलेगी।-मूलचंद्र गौतम, सलेमपुर।
खेत से आलू काफी कम निकल रहा है, ऐसे में तो लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो जाएगा। मौसम की मार इस बार पड़ी है और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।-मनवीर सिंह, सलेमपुर।
किसान कभी प्राकृतिक आपदा झेलता है तो कभी किस्मत उनका साथ नहीं देती है। इस बार भी बंपर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन फसल आते ही सब टूट गईं।-शिव सिंह, किसान।
इस वर्ष करीब 51 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई हुई थी। अभी खोदाई शुरू हुई है। उत्पादन के आकलन के लिए टीम भेजी जाएंगी। इस आधार पर उत्पादन का निर्धारण हो सकेगा।-अनीता सिंह , जिला उद्यान अधिकारी।

आलू की पैदावार के अंकुरण के लिए 24-25 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए। आलू की वानस्पतिक वृद्धि के लिए 18-20 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए। इस बार जनवरी माह के अंत और फरवरी की शुरुआत में 25 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच गया और इस वजह से आलू में फुलाव कम हुआ।-डॉ. एसआर सिंह, कृषि वैज्ञानिक।

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