{"_id":"5f46a8f18ebc3e17665f49be","slug":"dr-vishnu-saxena-got-honour-in-us-and-usa-hathras-news-ali242169690","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदी की बदौलत अमेरिका-इंग्लैड में मिला सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदी की बदौलत अमेरिका-इंग्लैड में मिला सम्मान
विज्ञापन
डॉ. विष्णु सक्सेना।
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
प्रसिद्ध गीतकार व कवि सिकंदराराऊ के एक छोटे से गांव शहादतपुर निवासी डॉ. विष्णु सक्सेना ने देश विदेश में हिंदी का परचम लहराया है। अमेरिका व इंग्लैंड जैसे पश्चिमी देशों में उन्होंने हिंदी की बदौलत कई सम्मान हासिल किए हैं। हिंदी के प्रति उनका लगाव और समर्पण इस कद्र है कि 2015 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती सम्मान में मिले 11 लाख रुपये को उन्होंने सरला नारायण ट्रस्ट के माध्यम से हिंदी की सेवा व युवा प्रतिभाओं के संवर्धन में लगा दी है। डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपने गीतों के माध्यम से सिकंदराराऊ और हाथरस जिले का नाम देश विदेश में प्रसिद्ध कर दिया।
डॉ. विष्णु सक्सेना की प्राइमरी से लेकर इंटर तक की शिक्षा सिकंदराराऊ में हुई। मेडिकल की पढ़ाई उदयपुर राजस्थान से की। उसके बाद राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सा प्रभारी की नौकरी तो की लेकिन हिंदी की कविता जो उन्हें विरासत में मिली थी उसके लिए नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ कर सिकंदराराऊ में ही अपनी क्लीनिक खोल ली और हिंदी की सेवा में जुट गए।
1982 से काव्य मंचों पर हिंदी गीत का सफर शुरू किया जो अनवरत चल रहा है। हिंदी के कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान आज डॉ. सक्सेना की झोली में है। हिंदी में उनके काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी तीन किताबें अभी भी प्रकाशित होने वाली है। इसके अलावा उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का हिंदी भाषा में मुक्तक में अनुवाद किया है जो जल्द ही प्रकाशित होने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रसिद्ध गीतकार व कवि सिकंदराराऊ के एक छोटे से गांव शहादतपुर निवासी डॉ. विष्णु सक्सेना ने देश विदेश में हिंदी का परचम लहराया है। अमेरिका व इंग्लैंड जैसे पश्चिमी देशों में उन्होंने हिंदी की बदौलत कई सम्मान हासिल किए हैं। हिंदी के प्रति उनका लगाव और समर्पण इस कद्र है कि 2015 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती सम्मान में मिले 11 लाख रुपये को उन्होंने सरला नारायण ट्रस्ट के माध्यम से हिंदी की सेवा व युवा प्रतिभाओं के संवर्धन में लगा दी है। डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपने गीतों के माध्यम से सिकंदराराऊ और हाथरस जिले का नाम देश विदेश में प्रसिद्ध कर दिया।
डॉ. विष्णु सक्सेना की प्राइमरी से लेकर इंटर तक की शिक्षा सिकंदराराऊ में हुई। मेडिकल की पढ़ाई उदयपुर राजस्थान से की। उसके बाद राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सा प्रभारी की नौकरी तो की लेकिन हिंदी की कविता जो उन्हें विरासत में मिली थी उसके लिए नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ कर सिकंदराराऊ में ही अपनी क्लीनिक खोल ली और हिंदी की सेवा में जुट गए।
विज्ञापन
1982 से काव्य मंचों पर हिंदी गीत का सफर शुरू किया जो अनवरत चल रहा है। हिंदी के कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान आज डॉ. सक्सेना की झोली में है। हिंदी में उनके काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी तीन किताबें अभी भी प्रकाशित होने वाली है। इसके अलावा उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का हिंदी भाषा में मुक्तक में अनुवाद किया है जो जल्द ही प्रकाशित होने वाला है।
विज्ञापन