{"_id":"6670b4d033e2353fbc035134","slug":"death-certificate-is-necessary-even-on-the-death-of-children-and-teenagers-hathras-news-c-56-1-sknl1012-116350-2024-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: बच्चों-किशोरों की मौत पर भी मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: बच्चों-किशोरों की मौत पर भी मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी
विज्ञापन
बच्चों-किशोरों की मौत का डाटा उपलब्ध न होने पर स्वास्थ्य विभाग ने इनका मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया है। जिले के अस्पतालों को यह डाटा स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
विभाग ने अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने यहां नवजात से लेकर 15 साल तक की आयु के बच्चों की मौत पर मृत्यु प्रमाण पत्र का डाटा जरूर अपलोड करें। विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों और पंजीकृत निजी अस्पतालों को सूचनात्मक आईडी जारी की है। सीएमओ डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि शहर के निजी अस्पतालों में नवजात से लेकर 15 वर्ष के बच्चों की मृत्यु होने पर निजी अस्पताल संचालक को इसकी सूचना नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत को देनी होगी। 15 साल तक के बच्चों की मौत पर प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। ग्रामीण इलाकों के निजी अस्पतालों को सीएचसी या ग्राम पंचायत को सूचना देनी होगी।
अधिकतम 21 दिन में जारी होगा प्रमाण पत्र
मृत्यु प्रमाण पत्र उस स्थान, अस्पताल व इलाके से ही जारी किया जाएगा जहां व्यक्ति की मृत्यु हुई हो। नगर क्षेत्र में अस्पताल हो या घर में मौत होने पर नगर निगम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में मृत्यु होने पर ग्रामसभा या ग्राम पंचायत के कार्यालय से इसे जारी किया जाएगा। विलंब होने पर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में एक प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित एजेंसी या विभाग की ओर से प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। ऑनलाइन पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन करके आवेदन किया जा सकता है। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का 14 से 21 दिन का वक्त निर्धारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग ने अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने यहां नवजात से लेकर 15 साल तक की आयु के बच्चों की मौत पर मृत्यु प्रमाण पत्र का डाटा जरूर अपलोड करें। विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों और पंजीकृत निजी अस्पतालों को सूचनात्मक आईडी जारी की है। सीएमओ डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि शहर के निजी अस्पतालों में नवजात से लेकर 15 वर्ष के बच्चों की मृत्यु होने पर निजी अस्पताल संचालक को इसकी सूचना नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत को देनी होगी। 15 साल तक के बच्चों की मौत पर प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। ग्रामीण इलाकों के निजी अस्पतालों को सीएचसी या ग्राम पंचायत को सूचना देनी होगी।
विज्ञापन
अधिकतम 21 दिन में जारी होगा प्रमाण पत्र
मृत्यु प्रमाण पत्र उस स्थान, अस्पताल व इलाके से ही जारी किया जाएगा जहां व्यक्ति की मृत्यु हुई हो। नगर क्षेत्र में अस्पताल हो या घर में मौत होने पर नगर निगम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में मृत्यु होने पर ग्रामसभा या ग्राम पंचायत के कार्यालय से इसे जारी किया जाएगा। विलंब होने पर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में एक प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित एजेंसी या विभाग की ओर से प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। ऑनलाइन पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन करके आवेदन किया जा सकता है। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का 14 से 21 दिन का वक्त निर्धारित है।
विज्ञापन