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दुर्घटना में युवक की मौत, डॉक्टर से हाथापाई, कर्मचारी को पीटा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:11 AM IST
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों से मारपीट के बाद लगी भीड़।
- फोटो : Amar Ujala
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शहर के मेंडू रोड पर मंगलवार रात एक बाइक पर सवार तीन युवकों को पीछे से आ रहे वाहन ने रौंद दिया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। गढ़ी गिरधरा के पुष्पेंद्र को देखने पहुंचे एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों से हाथापाई की और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से मारपीट कर दी।
शहर के सीयल खेड़ा निवासी टिंका कुशवाह, हाथरस गेट क्षेत्र के गांव गढ़ी गिरधरा के पुष्पेंद्र और अईयापुर निवासी संजय मंगलवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मेंडू रोड स्थित एक गेस्ट हाउस पर सजावट का काम कर एक ही बाइक से लौट रहे थे। हादसे में घायल दिव्यांग पुष्पेंद्र का कहना है कि वह बाइक चला रहा था। किसी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। 18 वर्षीय टिंका कुशवाह बाइक पर सबसे पीछे बैठा था। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को एंबुलेंस 108 से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
यहां संजय को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। पुष्पेंद्र को भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही टिंका कुशवाह की मौत हो चुकी थी। वहीं टिंका के परिजनों का आरोप है कि उन्हें देर से सूचना दी गई। वह रात करीब एक बजे अस्पताल पहुंचे। तब तक टिंका का उपचार डॉक्टरों ने शुरू नहीं किया था। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने टिंका के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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घटना के बाद आक्रोशित डॉक्टरों ने सीएमएस से मिलकर रोष प्रकट किया और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। डॉक्टरों से हाथापाई की सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई, लेकिन आरोपी तब तक मौके से जा चुके थे।
डॉक्टरों के मुताबिक आरोपी जलेसर रोड पर मोबाइल की दुकान करता है। पुष्पेंद्र को इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। उसकी नाक में थोड़ी चोट थी।
इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पीके श्रीवास्तव ने नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत अरोड़ा को घायल के उपचार के लिए इमरजेंसी में बुलाया था। आरोपी युवक ने उपचार कर रहे डॉ. नवनीत अरोड़ा के साथ जमकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर डॉ. पीके श्रीवास्तव से भी अभद्रता की। इसके बाद वह इमरजेंसी से वार्ड में मरीज के पास चला गया। यहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद था।
इसी वार्ड में भर्ती एक मरीज ने अपने पर्स से रुपये चोरी होने की बात कर्मचारी को बताई। कर्मचारी ने जब आरोपी से इस बारे में पूछा तो वह उखड़ गया। गाली-गलौज करते हुए अस्पताल से बाहर गया और कुछ ही देर में अपने साथ चार-पांच युवकों को ले आया। आरोपियों ने कर्मचारी को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। दूसरे कर्मचारियों ने बमुश्किल उसे बचाया। इसके बाद आरोपी भाग निकले। कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस देर से पहुंची। वहीं पुष्पेंद्र के परिजनों से पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी करने की कोशिश की।
इस दौरान परिजनों ने कर्मचारियों पर ही पहले अभद्रता करने का आरोप लगाया। घटना के बाद सीएमएस डॉ. आईवी सिंह इमरजेंसी में पहुंच गए। डॉक्टरों ने आए दिन अभद्रता होने पर रोष जताया। डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि वह इस मामले को चिकित्सा संघ में उठाएंगे और जल्द ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से इन घटनाओं के बारे में अवगत कराया जाएगा। सीएमएस डॉ. आईवी सिंह का कहना है कि वह जल्द ही आला पुलिस अधिकारियों से मिलकर जिला अस्पताल में पुलिसकर्मियों की स्थाई ड्यूटी लगवाने की मांग करेंगे।
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शहर के सीयल खेड़ा निवासी टिंका कुशवाह, हाथरस गेट क्षेत्र के गांव गढ़ी गिरधरा के पुष्पेंद्र और अईयापुर निवासी संजय मंगलवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मेंडू रोड स्थित एक गेस्ट हाउस पर सजावट का काम कर एक ही बाइक से लौट रहे थे। हादसे में घायल दिव्यांग पुष्पेंद्र का कहना है कि वह बाइक चला रहा था। किसी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। 18 वर्षीय टिंका कुशवाह बाइक पर सबसे पीछे बैठा था। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को एंबुलेंस 108 से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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यहां संजय को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। पुष्पेंद्र को भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही टिंका कुशवाह की मौत हो चुकी थी। वहीं टिंका के परिजनों का आरोप है कि उन्हें देर से सूचना दी गई। वह रात करीब एक बजे अस्पताल पहुंचे। तब तक टिंका का उपचार डॉक्टरों ने शुरू नहीं किया था। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने टिंका के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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घटना के बाद आक्रोशित डॉक्टरों ने सीएमएस से मिलकर रोष प्रकट किया और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। डॉक्टरों से हाथापाई की सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई, लेकिन आरोपी तब तक मौके से जा चुके थे।
डॉक्टरों के मुताबिक आरोपी जलेसर रोड पर मोबाइल की दुकान करता है। पुष्पेंद्र को इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। उसकी नाक में थोड़ी चोट थी।
इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पीके श्रीवास्तव ने नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत अरोड़ा को घायल के उपचार के लिए इमरजेंसी में बुलाया था। आरोपी युवक ने उपचार कर रहे डॉ. नवनीत अरोड़ा के साथ जमकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर डॉ. पीके श्रीवास्तव से भी अभद्रता की। इसके बाद वह इमरजेंसी से वार्ड में मरीज के पास चला गया। यहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद था।
इसी वार्ड में भर्ती एक मरीज ने अपने पर्स से रुपये चोरी होने की बात कर्मचारी को बताई। कर्मचारी ने जब आरोपी से इस बारे में पूछा तो वह उखड़ गया। गाली-गलौज करते हुए अस्पताल से बाहर गया और कुछ ही देर में अपने साथ चार-पांच युवकों को ले आया। आरोपियों ने कर्मचारी को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। दूसरे कर्मचारियों ने बमुश्किल उसे बचाया। इसके बाद आरोपी भाग निकले। कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस देर से पहुंची। वहीं पुष्पेंद्र के परिजनों से पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी करने की कोशिश की।
इस दौरान परिजनों ने कर्मचारियों पर ही पहले अभद्रता करने का आरोप लगाया। घटना के बाद सीएमएस डॉ. आईवी सिंह इमरजेंसी में पहुंच गए। डॉक्टरों ने आए दिन अभद्रता होने पर रोष जताया। डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि वह इस मामले को चिकित्सा संघ में उठाएंगे और जल्द ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से इन घटनाओं के बारे में अवगत कराया जाएगा। सीएमएस डॉ. आईवी सिंह का कहना है कि वह जल्द ही आला पुलिस अधिकारियों से मिलकर जिला अस्पताल में पुलिसकर्मियों की स्थाई ड्यूटी लगवाने की मांग करेंगे।