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दुष्कर्म के दोषी को साढ़े तीन साल कैद
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:21 PM IST
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट संख्या एक राजकुमार बंसल के न्यायालय ने दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को साढे़ तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन महीने का साधारण कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस को सौंपी गई तहरीर में कहा गया था कि वादी के भाई की पत्नी 26 फरवरी, 2013 की शाम को खेत पशुओं के लिए वरसीम काटने के लिए गई थी, उसी समय वहां अभियुक्त प्रमोद पहुंचा। उसने महिला के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास किए, किंतु पीड़िता के शोर मचाने पर वह मौके से भाग गया। पीड़िता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि उसके कोई चोट नहीं आई हैं, इसलिए वह चिकित्सकीय परीक्षण नहीं कराना चाहती।
घटना की जांच के बाद विवेचक ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना गया। दोनों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देय होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की होगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस को सौंपी गई तहरीर में कहा गया था कि वादी के भाई की पत्नी 26 फरवरी, 2013 की शाम को खेत पशुओं के लिए वरसीम काटने के लिए गई थी, उसी समय वहां अभियुक्त प्रमोद पहुंचा। उसने महिला के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास किए, किंतु पीड़िता के शोर मचाने पर वह मौके से भाग गया। पीड़िता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि उसके कोई चोट नहीं आई हैं, इसलिए वह चिकित्सकीय परीक्षण नहीं कराना चाहती।
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घटना की जांच के बाद विवेचक ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना गया। दोनों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देय होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की होगी।
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