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बेटा ही निकला पिता का कातिल, गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो सहपऊ (हाथरस)।
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:01 AM IST
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हत्या
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कोतवाली क्षेत्र के गांव महरारा निवासी किसान दिगंबर सिंह (55 वर्ष) पुत्र तालेवर सिंह की 19 जुलाई को नलकूप पर सोते हुए समय की गई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। दिगंबर की हत्या गांव रुदायल के निकट नलकूप पर गला घोंटकर की गई थी। पुलिस का दावा है कि दिगंबर की हत्या उनके अपने ही तीसरे नंबर के बेटे ने की थी। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है।
सहपऊ कोतवाली में सीओ सादाबाद योगेश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि मृतक के तीसरे पुत्र मानवेंद्र सिंह ने ही अपने पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पिता अय्याशी में घर का पैसा बर्बाद कर रहा था। उसके पिता की दो शादियां हुई थीं। दोनों ही पत्नियों की मौत हो चुकी है। पहली पत्नी के कोई संतान नहीं थी। दूसरी पत्नी के सात संतानें हुईं, जिनमें से चार पुत्र एवं तीन पुत्रियां हैं। तीन पुत्र एवं तीनों पुत्रियों की शादी हो चुकी है। केवल एक ही पुत्र अविवाहित है। दूसरी पत्नी की मृत्यु करीब 12 साल पहले हो चुकी है। आरोपी ने बताया कि उसका पिता बिहार से एक युवती को भी ले आया था।
दो-तीन महीने रहने के बाद वह युवती कहीं चली गई। उसके पिता ने कुछ खेत भी बेच दिया था। अब वह तीसरी शादी करने जा रहा था। शादी के खर्चे के लिए उसने कुछ और खेत बेचने का किसी से सौदा कर लिया था। मानवेेंद्र आगरा में काम करता था। वह उसी दिन घर आया था। शाम को पिता ने उससे अलग बात करने को कहा। इसी बहाने उसका पिता उसे नलकूप पर ले गया। वहां उसने उसे तीसरी शादी की बात बताई। मना करने पर उन दोनों में नोक-झोंक हुई। बाद में मृतक का बेटा सोने के लिए लेट गया। मानवेंद्र ने बताया कि जब वह सोने जा रहा था तो उसके पिता ने टॉर्च जलाकर दो बार उसे देखा।
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मानवेंद्र को बार देखने के बाद उसके दिमाग में शक हुआ कि उसका पिता उसे मारना चाहता है। इस कारण उसने चारपाई से उठकर पिता की गर्दन पकड़ ली। दोनों में काफी देर तक उठापटक होती रही। अंत में उसने पिता की गर्दन दबा दी। एवं टॉर्च की डोरी गर्दन में बांधकर नलकूप से दूर खींच ले गया। इससे उसकी मौत हो गई। लाश को उसने नलकूप की पानी की नाली में डाल दिया। पिता कटी टॉर्च उसकी लाश के पास छोड़कर और उसके मोबाइल फोन को खेत में गाड़कर घर वापस आ गया। पुलिस ने पहले ही तीनों भाइयों को शक के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में काफी छानबीन के बाद मानवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि पूछताछ में मानवेंद्र ने हत्या की यह पूरी कहानी बताई।
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सहपऊ कोतवाली में सीओ सादाबाद योगेश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि मृतक के तीसरे पुत्र मानवेंद्र सिंह ने ही अपने पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पिता अय्याशी में घर का पैसा बर्बाद कर रहा था। उसके पिता की दो शादियां हुई थीं। दोनों ही पत्नियों की मौत हो चुकी है। पहली पत्नी के कोई संतान नहीं थी। दूसरी पत्नी के सात संतानें हुईं, जिनमें से चार पुत्र एवं तीन पुत्रियां हैं। तीन पुत्र एवं तीनों पुत्रियों की शादी हो चुकी है। केवल एक ही पुत्र अविवाहित है। दूसरी पत्नी की मृत्यु करीब 12 साल पहले हो चुकी है। आरोपी ने बताया कि उसका पिता बिहार से एक युवती को भी ले आया था।
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दो-तीन महीने रहने के बाद वह युवती कहीं चली गई। उसके पिता ने कुछ खेत भी बेच दिया था। अब वह तीसरी शादी करने जा रहा था। शादी के खर्चे के लिए उसने कुछ और खेत बेचने का किसी से सौदा कर लिया था। मानवेेंद्र आगरा में काम करता था। वह उसी दिन घर आया था। शाम को पिता ने उससे अलग बात करने को कहा। इसी बहाने उसका पिता उसे नलकूप पर ले गया। वहां उसने उसे तीसरी शादी की बात बताई। मना करने पर उन दोनों में नोक-झोंक हुई। बाद में मृतक का बेटा सोने के लिए लेट गया। मानवेंद्र ने बताया कि जब वह सोने जा रहा था तो उसके पिता ने टॉर्च जलाकर दो बार उसे देखा।
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मानवेंद्र को बार देखने के बाद उसके दिमाग में शक हुआ कि उसका पिता उसे मारना चाहता है। इस कारण उसने चारपाई से उठकर पिता की गर्दन पकड़ ली। दोनों में काफी देर तक उठापटक होती रही। अंत में उसने पिता की गर्दन दबा दी। एवं टॉर्च की डोरी गर्दन में बांधकर नलकूप से दूर खींच ले गया। इससे उसकी मौत हो गई। लाश को उसने नलकूप की पानी की नाली में डाल दिया। पिता कटी टॉर्च उसकी लाश के पास छोड़कर और उसके मोबाइल फोन को खेत में गाड़कर घर वापस आ गया। पुलिस ने पहले ही तीनों भाइयों को शक के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में काफी छानबीन के बाद मानवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि पूछताछ में मानवेंद्र ने हत्या की यह पूरी कहानी बताई।