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दहेज हत्या में तीन को आजीवन कारावास
अमर उजाला, हाथरस
Updated Thu, 29 Sep 2016 11:34 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजकुमार बंसल के न्यायालय ने दहेज हत्या के तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीनों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अर्थदंड की आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में मृतका के परिजनों को देय होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक महाराज सिंह निवासी ग्राम गढ़सौली थाना बल्देव जिला मथुरा ने कोतवाली सादाबाद पुलिस को 22 जून, 2012 को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने अपनी पुत्री नीलम की शादी आठ जुलाई, 2007 को पर्याप्त दान दहेज देकर राजू पुत्र कुंवरपाल उर्फ करुआ निवासी ग्राम बहादुरपुर भूप कोतवाली सादाबाद के साथ की।
नीलम के पति राजू, ससुर कुंवरपाल उर्फ करुआ और सास शीला दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। यह लोग लगातार बाइक, फ्रिज और कूलर की मांग करते रहते थे। मांग पूरी नहीं होने पर यह नीलम के साथ मारपीट भी करते रहते थे। आरोप है कि 22 जून, 2012 को रात सात बजे इन लोगों ने नीलम को जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या कर दी और उसके शव को गांव के ही बलवीर सिंह के घर के सामने चबूतरे पर रख दिया।
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पुलिस ने घटना की जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने न्यायालय में जो दलीलें प्रस्तुत कीं, उनके खिलाफ एडीजीसी क्राइम साहब सिंह चौहान ने पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। इनके आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी माना। न्यायालय ने अभियुक्तों को धारा 328 में भी दोषी माना है।
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अर्थदंड की आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में मृतका के परिजनों को देय होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक महाराज सिंह निवासी ग्राम गढ़सौली थाना बल्देव जिला मथुरा ने कोतवाली सादाबाद पुलिस को 22 जून, 2012 को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने अपनी पुत्री नीलम की शादी आठ जुलाई, 2007 को पर्याप्त दान दहेज देकर राजू पुत्र कुंवरपाल उर्फ करुआ निवासी ग्राम बहादुरपुर भूप कोतवाली सादाबाद के साथ की।
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नीलम के पति राजू, ससुर कुंवरपाल उर्फ करुआ और सास शीला दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। यह लोग लगातार बाइक, फ्रिज और कूलर की मांग करते रहते थे। मांग पूरी नहीं होने पर यह नीलम के साथ मारपीट भी करते रहते थे। आरोप है कि 22 जून, 2012 को रात सात बजे इन लोगों ने नीलम को जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या कर दी और उसके शव को गांव के ही बलवीर सिंह के घर के सामने चबूतरे पर रख दिया।
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पुलिस ने घटना की जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने न्यायालय में जो दलीलें प्रस्तुत कीं, उनके खिलाफ एडीजीसी क्राइम साहब सिंह चौहान ने पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। इनके आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी माना। न्यायालय ने अभियुक्तों को धारा 328 में भी दोषी माना है।