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हत्या के प्रयास में एक को 10 साल कैद
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:52 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को 10 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पप्पू पुत्र वालेराम निवासी कुंडा माजरा बरवाना हाथरस जंक्शन की तरफ से दी गई तहरीर में आरोप लगाए गए थे कि 18 सितंबर, 2006 को दोपहर करीब 2.30 बजे उसको ग्राम प्रधान रवेंद्र द्वारा पंचायत में बुलाया गया था। पंचायत कुंडा मंदिर पर हो रही थी।
प्रधान रवेंद्र ने गाली-गलौज की और कहा कि सत्यदेव के उधार के पैसे देने पडे़ंगे। जब वह पंचायत से उठकर जा रहा था। तभी मूलचंद पुत्र हरीशंकर निवासी कुंडा ने अपने हाथ में लगे तमंचे से गोली मारी और भूरी सिंह पुत्र वीरेश निवासी कुंडा ने हाथ और सिर में कुल्हाड़ी मारी।
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रविंद्र प्रधान ने ही इन दोनों से कहा कि आज इस पप्पू को जान से मार दो। विवेचना के उपरांत पुलिस ने मूलचंद्र और भूरी सिंह के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना। घायल के चिकित्सकीय परीक्षण में गोली लगने की कोई चोट नहीं थी, जबकि कुल्हाड़ी प्रहार की चार चोटें दर्शाईं गई थीं।
लिहाजा न्यायालय ने कुल्हाड़ी से प्रहार करने वाले भूरी सिंह को दोष सिद्ध माना एवं गोली मारने के आरोपी मूलचंद्र को दोष मुक्त करार दिया। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि जुर्माने की धनराशि का 70 प्रतिशत चुटैल को प्रतिकर के रूप में दिलाया जाए।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक पप्पू पुत्र वालेराम निवासी कुंडा माजरा बरवाना हाथरस जंक्शन की तरफ से दी गई तहरीर में आरोप लगाए गए थे कि 18 सितंबर, 2006 को दोपहर करीब 2.30 बजे उसको ग्राम प्रधान रवेंद्र द्वारा पंचायत में बुलाया गया था। पंचायत कुंडा मंदिर पर हो रही थी।
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प्रधान रवेंद्र ने गाली-गलौज की और कहा कि सत्यदेव के उधार के पैसे देने पडे़ंगे। जब वह पंचायत से उठकर जा रहा था। तभी मूलचंद पुत्र हरीशंकर निवासी कुंडा ने अपने हाथ में लगे तमंचे से गोली मारी और भूरी सिंह पुत्र वीरेश निवासी कुंडा ने हाथ और सिर में कुल्हाड़ी मारी।
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रविंद्र प्रधान ने ही इन दोनों से कहा कि आज इस पप्पू को जान से मार दो। विवेचना के उपरांत पुलिस ने मूलचंद्र और भूरी सिंह के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना। घायल के चिकित्सकीय परीक्षण में गोली लगने की कोई चोट नहीं थी, जबकि कुल्हाड़ी प्रहार की चार चोटें दर्शाईं गई थीं।
लिहाजा न्यायालय ने कुल्हाड़ी से प्रहार करने वाले भूरी सिंह को दोष सिद्ध माना एवं गोली मारने के आरोपी मूलचंद्र को दोष मुक्त करार दिया। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि जुर्माने की धनराशि का 70 प्रतिशत चुटैल को प्रतिकर के रूप में दिलाया जाए।