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छह दिसंबर को लेकर जिले में अलर्ट
hathras
Updated Sun, 06 Dec 2015 12:00 AM IST
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हाथरस। छह दिसंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा गिराने की बरसी को लेकर पुलिस-प्रशासन खासी चौकसी बरत रहा है। खासकर बरसी से पहले मंदिर मुद्दे पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान ने सियासी सरगर्मी के साथ सरकारी मशीनरी की टेंशन और बढ़ा दी है। मिली-जुली आबादी में सुरक्षा इंतजामों पर प्रशासन का सबसे ज्यादा फोकस है, ताकि वहां कोई भी मामूली बात बड़ा रूप नहीं ले सके। हालांकि अभी तक हिंदूवादी और मुस्लिम संगठनों ने इस मौके पर अपने कार्यक्रमों का ऐलान नहीं किया है।
माना जा रहा है कि दोनों ही समुदायों के संगठन इस बार भी गुपचुप तरीके से ही अपने कार्यक्रम करेंगे। हिंदूवादी जहां विजय दिवस मनाएंगे तो मुस्लिम संगठन भी काला दिवस मनाकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
सूत्र बताते हैं कि राम मंदिर मुद्दे पर संघ प्रमुख के बयान के बाद छह दिसंबर को लेकर शासन की चिंता बढ़ी हुई। डीएम-एसपी को सार्वजनिक स्थानों और मिली-जुली आबादी में पूरी एहतियात बरतने का फरमान जारी किया गया है। यह भी कहा गया है कि ऐसी कोई भी गतिविधि इस मौके पर नहीं होने दी जाए, जिससे शांति भंग होने का अंदेशा रहे।
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अगर कोई माहौल खराब करने की कोशिश करे तो उससे सख्ती से निपटा जाए। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस और पीएसी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बताते हैं कि डीएम-एसपी ने शांति व्यवस्था के लिए प्रशासनिक और पुलिस अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी हैं। यह अफसर अपने क्षेत्रों में घूमकर वहां की गतिविधियों की निगरानी करेंगे और किसी भी उत्तेजक गतिविधि को होने से रोकेंगे। चुनाव से फुर्सत पाने के बाद जिले का खुफिया तंत्र देर रात तक दोनों खेमों की हलचलों की टोह लेने में भी जुटा रहा।
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माना जा रहा है कि दोनों ही समुदायों के संगठन इस बार भी गुपचुप तरीके से ही अपने कार्यक्रम करेंगे। हिंदूवादी जहां विजय दिवस मनाएंगे तो मुस्लिम संगठन भी काला दिवस मनाकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
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सूत्र बताते हैं कि राम मंदिर मुद्दे पर संघ प्रमुख के बयान के बाद छह दिसंबर को लेकर शासन की चिंता बढ़ी हुई। डीएम-एसपी को सार्वजनिक स्थानों और मिली-जुली आबादी में पूरी एहतियात बरतने का फरमान जारी किया गया है। यह भी कहा गया है कि ऐसी कोई भी गतिविधि इस मौके पर नहीं होने दी जाए, जिससे शांति भंग होने का अंदेशा रहे।
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अगर कोई माहौल खराब करने की कोशिश करे तो उससे सख्ती से निपटा जाए। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस और पीएसी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बताते हैं कि डीएम-एसपी ने शांति व्यवस्था के लिए प्रशासनिक और पुलिस अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी हैं। यह अफसर अपने क्षेत्रों में घूमकर वहां की गतिविधियों की निगरानी करेंगे और किसी भी उत्तेजक गतिविधि को होने से रोकेंगे। चुनाव से फुर्सत पाने के बाद जिले का खुफिया तंत्र देर रात तक दोनों खेमों की हलचलों की टोह लेने में भी जुटा रहा।