{"_id":"59723eb94f1c1ba6088b47ff","slug":"after-taking-10-lakh-rupees-from-marriage-in-hathras","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 लाख रुपये लेने के बाद शादी से मुकरे ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
10 लाख रुपये लेने के बाद शादी से मुकरे
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
प्रतिकात्मक तस्वीर
- फोटो : WondersList
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदराराऊ के मोहल्ला फरीदाबाद के रहने वाले विनोद कुमार, उनके बेटे हरवंश, पत्नी भगवती, बेटी सुषमा, केशव व कप्तान सिंह निवासी गंगीरी अलीगढ़ के विरुद्ध सदर कोतवाली पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और अमानत में खयानत के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। इन सभी पर शादी तय होने के बाद वधू के पिता से 10 लाख रुपये लेने और फिर शादी से मुकर जाने का आरोप है।
अलीगढ़ के दादों थाना क्षेत्र के गांव नगला ढक के रहने वाले त्रिमल सिंह पुत्र मटरू सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी अनीता की शादी 16 मार्च 2016 को हरवंश पुत्र विनोद से तय की थी। शादी तय होने के बाद गोद भराई की रस्म भी पूरी की गई। इसी दिन शादी में होने वाले खर्च के रूप में वर पक्ष ने उनसे 10 लाख रुपये ले लिए। गोद भराई में पहुंचे वर पक्ष के लोगों को एक-एक सोने की अंगूठी व एक-एक हजार रुपये भी दिए गए।
दोनों पक्षों की सहमति से शादी की तारीख 23 नवंबर 2016 तय की गई। शादी से कुछ दिन पहले अनीता का भाई देशराज पीली चिट्ठी लेकर हरवंश के घर गया। यहां आरोपियों ने उससे पीली चिट्ठी लेने से इंकार कर दिया। इस पर त्रिमल सिंह ने 13 नवंबर को फोन पर हरवंश और विनोद से बात की।
विज्ञापन
वधू पक्ष के लोगों को अगले दिन 14 नवंबर को बौहरे वाली देवी मंदिर पर आने को कहा गया। 14 नवंबर को आरोपियों ने दहेज में अतिरिक्त दस लाख रुपये और एक कार देने की मांग रख दी। मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने शादी तोड़ दी और शादी से पहले लिए दस लाख रुपये भी नहीं लौटाए। त्रिमल सिंह ने कई बार थाने के चक्कर काटे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। परेशान होकर उन्हें मुकदमा दर्ज कराने को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
विज्ञापन
अलीगढ़ के दादों थाना क्षेत्र के गांव नगला ढक के रहने वाले त्रिमल सिंह पुत्र मटरू सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी अनीता की शादी 16 मार्च 2016 को हरवंश पुत्र विनोद से तय की थी। शादी तय होने के बाद गोद भराई की रस्म भी पूरी की गई। इसी दिन शादी में होने वाले खर्च के रूप में वर पक्ष ने उनसे 10 लाख रुपये ले लिए। गोद भराई में पहुंचे वर पक्ष के लोगों को एक-एक सोने की अंगूठी व एक-एक हजार रुपये भी दिए गए।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की सहमति से शादी की तारीख 23 नवंबर 2016 तय की गई। शादी से कुछ दिन पहले अनीता का भाई देशराज पीली चिट्ठी लेकर हरवंश के घर गया। यहां आरोपियों ने उससे पीली चिट्ठी लेने से इंकार कर दिया। इस पर त्रिमल सिंह ने 13 नवंबर को फोन पर हरवंश और विनोद से बात की।
विज्ञापन
वधू पक्ष के लोगों को अगले दिन 14 नवंबर को बौहरे वाली देवी मंदिर पर आने को कहा गया। 14 नवंबर को आरोपियों ने दहेज में अतिरिक्त दस लाख रुपये और एक कार देने की मांग रख दी। मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने शादी तोड़ दी और शादी से पहले लिए दस लाख रुपये भी नहीं लौटाए। त्रिमल सिंह ने कई बार थाने के चक्कर काटे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। परेशान होकर उन्हें मुकदमा दर्ज कराने को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।