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फोन पर आवास के नाम पर ठगी का खेल
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:49 PM IST
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ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
जिले में सरकारी आवास के नाम पर ठगी का खेल अब फोन पर भी चल रहा है। ब्लॉक मुरसान निवासी चंद्रवीर सिंह ऐसी ही ठगी का शिकार होने से बच गए। चंद्रवीर के पास एक फोन कॉल आई, जिस पर उन्हें बताया गया कि उनका आवास स्वीकृत हो गया है।
उनको एक अकाउंट नंबर दिया गया, जिसमें उनसे 8,500 रुपये जमा करने को कहा गया। जब इस व्यक्ति को शक हुआ तो उसने सांसद प्रतिनिधि मुकेश पौरुष को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और सीडीओ ऑफिस पहुंचकर योजना के नोडल ऑफिसर परियोजना निदेशक डीआरडीए चंद्रशेखर शुक्ला को अवगत कराया। इसके बाद इस फोन करने वाले के बारे में काफी छानबीन की गई, लेकिन उसका फोन नहीं उठा।
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कॉल करने वाले ने अपना नाम सुनील चौधरी ब्लॉक मुरसान के कमरा नंबर चार में बैठने वाला बताया, लेकिन ब्लॉक कार्यालय में भी इस नाम के किसी व्यक्ति के होने की पुष्टि नहीं हो सकी।
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जिले में सरकारी आवास के नाम पर ठगी का खेल अब फोन पर भी चल रहा है। ब्लॉक मुरसान निवासी चंद्रवीर सिंह ऐसी ही ठगी का शिकार होने से बच गए। चंद्रवीर के पास एक फोन कॉल आई, जिस पर उन्हें बताया गया कि उनका आवास स्वीकृत हो गया है।
उनको एक अकाउंट नंबर दिया गया, जिसमें उनसे 8,500 रुपये जमा करने को कहा गया। जब इस व्यक्ति को शक हुआ तो उसने सांसद प्रतिनिधि मुकेश पौरुष को इसकी जानकारी दी।
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उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और सीडीओ ऑफिस पहुंचकर योजना के नोडल ऑफिसर परियोजना निदेशक डीआरडीए चंद्रशेखर शुक्ला को अवगत कराया। इसके बाद इस फोन करने वाले के बारे में काफी छानबीन की गई, लेकिन उसका फोन नहीं उठा।
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कॉल करने वाले ने अपना नाम सुनील चौधरी ब्लॉक मुरसान के कमरा नंबर चार में बैठने वाला बताया, लेकिन ब्लॉक कार्यालय में भी इस नाम के किसी व्यक्ति के होने की पुष्टि नहीं हो सकी।