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देवकीनंदन हत्याकांड: पुलिस ने चस्पा किए कुर्की नोटिस
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:07 AM IST
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ब्यूरो, अमर उजाला हाथरस।
कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव रहना में 20 अप्रैल को हुई ग्रामीण देवकीनंदन पाठक की हत्या के मामले में पुलिस अभी तक खाली हाथ है। सभी आठ आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं। पुलिस ने रविवार को आरोपियों के यहां धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस चस्पा किए। कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि आरोपियाें के कोर्ट में हाजिर न होने पर जल्द ही उनके घर की कुर्की कर दी जाएगी।
देवकीनंदन की हत्या के आरोप में उसके भाई राजकुमार की शिकायत पर गांव के राजन सिंह समेत छह लोगों के विरुद्ध धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे बाद में धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तरमीम कर दिया गया। विवेचना में दो और आरोपियों के नाम सामने आए थे। देवकीनंदन पाठक (28) पुत्र पन्नालाल पाठक निवासी रहना दोपहर के समय घर से निकले थे।
शाम चार बजे के करीब ग्रामीणों को जानकारी मिली कि देवकीनंदन का शव शहतूत के पेड़ पर लटका हुआ है। मोहन सिंह के खेत में शव मिला। देवकीनंदन के भाई राजकुमार ने कहा कि दूसरे पक्ष के लोग डेढ़ साल में उन पर चार बार हरिजन एक्ट लगा चुके हैं। हत्याकांड से एक दिन पहले हुए झगड़े में भी देवकीनंदन के साथ मारपीट कर उस पर हरिजन एक्ट लगाया था।
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कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव रहना में 20 अप्रैल को हुई ग्रामीण देवकीनंदन पाठक की हत्या के मामले में पुलिस अभी तक खाली हाथ है। सभी आठ आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं। पुलिस ने रविवार को आरोपियों के यहां धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस चस्पा किए। कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि आरोपियाें के कोर्ट में हाजिर न होने पर जल्द ही उनके घर की कुर्की कर दी जाएगी।
देवकीनंदन की हत्या के आरोप में उसके भाई राजकुमार की शिकायत पर गांव के राजन सिंह समेत छह लोगों के विरुद्ध धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे बाद में धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तरमीम कर दिया गया। विवेचना में दो और आरोपियों के नाम सामने आए थे। देवकीनंदन पाठक (28) पुत्र पन्नालाल पाठक निवासी रहना दोपहर के समय घर से निकले थे।
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शाम चार बजे के करीब ग्रामीणों को जानकारी मिली कि देवकीनंदन का शव शहतूत के पेड़ पर लटका हुआ है। मोहन सिंह के खेत में शव मिला। देवकीनंदन के भाई राजकुमार ने कहा कि दूसरे पक्ष के लोग डेढ़ साल में उन पर चार बार हरिजन एक्ट लगा चुके हैं। हत्याकांड से एक दिन पहले हुए झगड़े में भी देवकीनंदन के साथ मारपीट कर उस पर हरिजन एक्ट लगाया था।
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