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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न हाेने पर दो फैक्ट्री सीज
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
शहर के गुड़िया वाला पेच में मुरब्बा और अचार फैक्ट्रियों पर बुधवार को उपजिलाधिकारी सदर ने अपनी टीम के साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न मिलने पर दो फैक्ट्रियों को सीज कर दिया गया। छापेमारी से व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
उपजिलाधिकारी सदर अरुण कुमार और प्रदूषण विभाग की टीम बुधवार की दोपहर गुड़िया वाला पेच स्थित आनंद फूड इंडस्ट्रीज पहुंची। इस फैक्ट्री में अचार और मुरब्बा बनता है। टीम ने फैक्ट्री में पहुंचकर कागजात देखे और फैक्ट्री से निकलने वाले पानी के उपयोग के बारे में जानकारी ली। इस दौरान फैक्ट्री में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण फैक्ट्री को सीज कर दिया गया। वहीं उसके बाद टीम नजदीक में ही जीएम फूड इंडस्ट्रीज पर पहुंची। जहां टीम को फैक्ट्री के गेट पर ताला मिला। ताला लगा होने के बाद एसडीएम सदर के आदेश पर इस फैक्ट्री को भी सीज कर दिया गया।
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फैक्ट्री संचालक से प्रदूषण विभाग के द्वारा जारी होने वाला अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया, तो संचालक उपलब्ध नहीं करा सका। वहीं फैक्ट्री में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण फैक्ट्री पर सीज की कार्रवाई की गई है।
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- अरुण कुमार, उपजिलाधिकारी सदर
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शहर के गुड़िया वाला पेच में मुरब्बा और अचार फैक्ट्रियों पर बुधवार को उपजिलाधिकारी सदर ने अपनी टीम के साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न मिलने पर दो फैक्ट्रियों को सीज कर दिया गया। छापेमारी से व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
उपजिलाधिकारी सदर अरुण कुमार और प्रदूषण विभाग की टीम बुधवार की दोपहर गुड़िया वाला पेच स्थित आनंद फूड इंडस्ट्रीज पहुंची। इस फैक्ट्री में अचार और मुरब्बा बनता है। टीम ने फैक्ट्री में पहुंचकर कागजात देखे और फैक्ट्री से निकलने वाले पानी के उपयोग के बारे में जानकारी ली। इस दौरान फैक्ट्री में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण फैक्ट्री को सीज कर दिया गया। वहीं उसके बाद टीम नजदीक में ही जीएम फूड इंडस्ट्रीज पर पहुंची। जहां टीम को फैक्ट्री के गेट पर ताला मिला। ताला लगा होने के बाद एसडीएम सदर के आदेश पर इस फैक्ट्री को भी सीज कर दिया गया।
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फैक्ट्री संचालक से प्रदूषण विभाग के द्वारा जारी होने वाला अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया, तो संचालक उपलब्ध नहीं करा सका। वहीं फैक्ट्री में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण फैक्ट्री पर सीज की कार्रवाई की गई है।
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- अरुण कुमार, उपजिलाधिकारी सदर