{"_id":"5798ffe94f1c1bd56021e662","slug":"10-years-imprisonment-in-attack","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमले में चार को 10 साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जानलेवा हमले में चार को 10 साल की कैद
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने जानलेवा हमले के एक मामले में चार लोगों को 10-10 साल कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्तों को दस-दस महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी राजू कुमार ने 9 अक्तूबर 2009 को कोतवाली सादाबाद में तहरीर दी कि कि एक दिन पूर्व उसकी अपने पड़ोसी से मोबाइल को लेकर कहासुनी हो गई थी। 9 अक्तूबर 2009 की सुबह करीब आठ बजे वह अपने घर पर मौजूद था। तभी चार लोग गाली-गलौज करते हुए उसके घर के अंदर घुस आए। एक व्यक्ति के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जबकि बाकी लाठी लिए हुए थे।
उन्होंने गाली देने से मना किया तो इनमें से एक ने कहा कि इसे जान से मार दो। जान से मारने की नीयत से फायर किया। एक गोली संजय पुत्र सोवरन सिंह के पैर में लगी। डंडे से उसे मारापीटा गया और ईंट फेंककर मारी गईं। फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के काफी लोग आ गए, जिसके बाद यह लोग धमकी देकर भाग गए।
विज्ञापन
इस मामले में अभियुक्त रामप्रताप, शिव प्रताप, भानुप्रताप और विपिन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी राजू कुमार ने 9 अक्तूबर 2009 को कोतवाली सादाबाद में तहरीर दी कि कि एक दिन पूर्व उसकी अपने पड़ोसी से मोबाइल को लेकर कहासुनी हो गई थी। 9 अक्तूबर 2009 की सुबह करीब आठ बजे वह अपने घर पर मौजूद था। तभी चार लोग गाली-गलौज करते हुए उसके घर के अंदर घुस आए। एक व्यक्ति के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जबकि बाकी लाठी लिए हुए थे।
विज्ञापन
उन्होंने गाली देने से मना किया तो इनमें से एक ने कहा कि इसे जान से मार दो। जान से मारने की नीयत से फायर किया। एक गोली संजय पुत्र सोवरन सिंह के पैर में लगी। डंडे से उसे मारापीटा गया और ईंट फेंककर मारी गईं। फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के काफी लोग आ गए, जिसके बाद यह लोग धमकी देकर भाग गए।
विज्ञापन
इस मामले में अभियुक्त रामप्रताप, शिव प्रताप, भानुप्रताप और विपिन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया।