फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Broken pipeline, contaminated water... Indore-like negligence in Hathras too

Hathras News: टूटी पाइपलाइन, दूषित पानी... हाथरस में भी इंदौर जैसी लापरवाही

Sat, 03 Jan 2026 01:43 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
Broken pipeline, contaminated water... Indore-like negligence in Hathras too
अमृत योजना के तहत 95 करोड़ की लागत से चार साल पहले शहर में पाइप लाइन भी लोगों को दूषित पेयजल की आपूर्ति कर रही है। जगह-जगह से इसमें लीकेज हैं और नाले-नालियों का गंदा पानी घरों तक जा रहा है। करीब 14 मोहल्लों की 40 हजार की आबादी इस समस्या से जूझ रही है। इंदौर जैसी लापरवाही हाथरस में भी नजर आ रही है।
विज्ञापन


शुक्रवार को सर्कुलर रोड पर तीन स्थानों पर लीकेज होता दिखा, यहां के लोगों ने बताया कि लगातार शिकायत के बाद भी गंदा पानी आ रही है। हनुमान गली में दो जगह ऐसी ही स्थिति बनी हुई थी। सादाबाद गेट पर अंगूमल की धर्मशाला के सामने लोगों ने लीकेज व उससे हुए गड्ढे दिखाए और बताया कि पोर्टल पर शिकायत के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई है। आवास विकास में पाइप लाइन के लिए सड़क खुदी पड़ी है और गड्ढे में पानी भरा हुआ है। लोगों ने बताया कि यहां पानी सड़क पर बह रहा था। पालिका की टीम पहुंची और बिना लीकेज ठीक किए गड्ढे में मिट्टी डाल दी गई। नवीपुर पथवारी मंदिर रोड पर भी लीकेज की समस्या मिली। पूरे शहर में तो 100 ज्यादा स्थानों पर लीकेज की समस्या है। शहर के सादाबाद गेट, सर्कुलर रोड और आवास-विकास जैसे पॉश इलाके भी इस समस्या से अछूते नहीं है।
विज्ञापन






नगर पालिका और जल निगम में तालमेल नहीं

अमृत योजना के पूरे क्रियान्वयन में शुरू से ही नगर पालिका और जल निगम के बीच तालमेल की कमी रही है। जल निगम ने पाइपलाइन बिछाई और कनेक्शन बांट दिए, लेकिन यह कनेक्शन सही से नहीं जोड़े गए और न ही गड्ढे ठीक ढंग से भरे गए। मिट्टी धंसने के कारण गड्ढे आज तक बने हुए हैं। लीकेज की समस्या दूर नहीं हुई। नगर पालिका ने परियोजना को हैंडओवर कर लिया, लीकेज ठीक नहीं कर पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


---------

दूषित पानी का खाने-पीने में इस्तेमाल बंद किया

सादाबाद गेट निवासी विकास शर्मा ने बताया कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना से यहां के लोग भी दहशत में हैं, दिनभर इसकी चर्चा होती रही। गंदे पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों को उल्टी-दस्त और पेट के संक्रमण की समस्या हो रही है, हमने गंदा पानी पीना बंद कर दिया है। खाना बनाने में भी इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। आपूर्ति आते ही सड़क पर पानी भर जाता है। यही गंदा पानी पेयजल वाली पाइपलाइन में जाता है।

ये इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित

शहर में सर्कुलर रोड, सादाबाद गेट, आवास-विकास कॉलोनी के अलावा नवीपुर पथवारी मंदिर रोड, लाला का नगला, नाई का नगला, विद्यापति नगर, विजय नगर, मथुरा रोड, मोहल्ला श्रीनगर, कैलाश नगर, नगला तुंदला, विष्णपुरी आदि इलाके इस समस्या से सर्वाधिक प्रभावित हैं।

कई बार शिकायत कर चुके हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आपूर्ति आते ही सड़क से फौव्वारा निकलता है, जिससे पेयजल और नाली का पानी एक हो जाता है। इतना गंदा पानी कैसे पी सकते हैं।

-रामपाल, अंगूमल धर्मशाला सादाबाद गेट।

पुरानी पाइपलाइन के पास ही नई बिछाई गई है, काम पूरा नहीं हुआ है। पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से नलों में गंदा पानी आ रहा है। शिकायत के बाद भी इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हुआ।

-महेशचंद्र शर्मा, आवास-विकास कॉलोनी।

पेयजल की पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है, जिससे गंदा पानी इसके अंदर पहुंच रहा है। लोगों ने इसका इस्तेमाल बहुत कम कर दिया है।

-सत्यपाल चौधरी, गिजरौली।



जहां-जहां लीकेज की शिकायत मिली है, वहां उन्हें ठीक कराया गया है। अभी कहीं से गंदा पानी आने की शिकायत नहीं मिली है, फिर भी लीकेज के सभी स्थान दिखवाए जा रहे हैं। यदि कहीं भी कमी मिलती है तो उसे ठीक कराया जाएगा।

-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका हाथरस।



पानी की जांच का कोई इंतजाम नहीं

नगर पालिका परिषद हाथरस में पेयजल की जांच के लिए कोई प्रयोगशाला नहीं है। नए नलकूप के निर्माण या किसी अन्य जरूरत पर जल निगम के माध्यम से ही पानी की जांच कराई जाती है। पिछले कुछ सालों में घरों में आने वाले पानी की कोई जांच नहीं हुई है। इससे लोगों को पता ही हीं चल रहा है कि पानी कितना साफ है या कितना दूषित है।




अमृत योजना एक नजर में

-2018 में शुरुआत हुई, वर्ष 2022 में काम पूरा हुआ

-200 किमी लंबी पाइप लाइन सात जोन में बांटकर बिछाई

25,235 घरों को पेयजल के लिए दिए गए कनेक्शन

80 लाख रुपये का सालाना जलकर वसूलती है पालिका



रोजाना अस्पताल पहुंच रहे मरीज

बागला जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वरुण चौधरी कहते हैं कि पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित 30 से 40 मरीज रोजाना की ओपीडी में आते हैं। इसमें डायरिया, गैस से संबंधित बीमारियां, अपच, पीलिया, टाईफाइड और त्वचा रोग के मरीज होते हैं। कुछ हेपेटाइटिस-ए से पीड़ित होते हैं। इसकी एक बड़ी वजह दूषित पानी का प्रयोग है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed