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UP: हाथरस के गांव से बने यूपी के 47 जिलों और छह राज्यों के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र, सबसे अधिक यहां के निकले
Wed, 14 Aug 2024 10:44 AM IST
शाहरुख खान
प्रशांत भारती, अमर उजाला, हाथरस
प्रशांत भारती, अमर उजाला, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Aug 2024 10:44 AM IST
सार
हाथरस के एक गांव से यूपी के 47 जिलों और छह राज्यों के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र जारी हो गए। अभी इस प्रकार के 814 मामले सामने आए हैं, लेकिन इनकी संख्या बढ़ सकती है। डीएम ने इस मामले की जांच सीएमओ को सौंपते हुए जनपद के सभी ब्लॉकों में जांच के आदेश दिए हैं।
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Birth certificates
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायबरेली के सलोन में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का मामला सामने आने के बाद अब हाथरस के हसायन विकास खंड की ग्राम पंचायत सिंचावली सानी में भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां वीडीओ की यूजर आईडी से पिछले 19 महीने में उत्तर प्रदेश के 47 जिलों समेत देश के छह राज्यों के लिए जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
अभी इस प्रकार के 814 मामले सामने आए हैं, लेकिन इनकी संख्या बढ़ सकती है। डीएम ने इस मामले की जांच सीएमओ को सौंपते हुए जनपद के सभी ब्लॉकों में जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि सिंचावली के ग्राम पंचायत अधिकारी ईश्वर चंद्र हैं। ईश्वर चंद्र को ग्राम पंचायत की सीआरएस (नागरिक पंजीकरण प्रणाली) आईडी 3 अगस्त को जारी हुई।
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जब उन्होंने इसे खोलकर देखा तो इस आईडी से एक जनवरी 2023 से 2 अगस्त 2024 के बीच करीब 814 जन्म प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुके थे। इसके बाद तत्काल विभागीय अफसरों को इसकी जानकारी दी। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. मोहन झा ने कहा कि हाथरस की तीस पंचायतों की आईडी नहीं बनी थीं।
डीपीआरओ स्तर से उन्हें यह सूचना दी गई थी। जिन्हें बनवाने के लिए भेजा गया था। अब इस पंचायत की आईडी से ये कैसे हुआ है। ये किसी हैकर का काम है या फिर किसी ने आईडी का दुरुपयोग किया है। जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
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अभी इस प्रकार के 814 मामले सामने आए हैं, लेकिन इनकी संख्या बढ़ सकती है। डीएम ने इस मामले की जांच सीएमओ को सौंपते हुए जनपद के सभी ब्लॉकों में जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि सिंचावली के ग्राम पंचायत अधिकारी ईश्वर चंद्र हैं। ईश्वर चंद्र को ग्राम पंचायत की सीआरएस (नागरिक पंजीकरण प्रणाली) आईडी 3 अगस्त को जारी हुई।
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जब उन्होंने इसे खोलकर देखा तो इस आईडी से एक जनवरी 2023 से 2 अगस्त 2024 के बीच करीब 814 जन्म प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुके थे। इसके बाद तत्काल विभागीय अफसरों को इसकी जानकारी दी। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. मोहन झा ने कहा कि हाथरस की तीस पंचायतों की आईडी नहीं बनी थीं।
डीपीआरओ स्तर से उन्हें यह सूचना दी गई थी। जिन्हें बनवाने के लिए भेजा गया था। अब इस पंचायत की आईडी से ये कैसे हुआ है। ये किसी हैकर का काम है या फिर किसी ने आईडी का दुरुपयोग किया है। जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
निगरानी पर सवाल..आईडी हस्तांतरण से पहले कैसे बने प्रमाण पत्र
पंचायत सचिव की आईडी हस्तांतरण से पहले जन्म प्रमाण पत्र जारी होते रहे। किसी को इसकी भनक तक न लगी। ये अपने आप में सवाल है? जबकि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी सीआरएस पोर्टल की निगरानी का जिम्मा जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के पास है। ताजा फर्जीवाड़े में तो आईडी पंचायत सचिव तक पहुंची ही नहीं थी। उससे पहले प्रमाण पत्र जारी हो गए।
पंचायत सचिव की आईडी हस्तांतरण से पहले जन्म प्रमाण पत्र जारी होते रहे। किसी को इसकी भनक तक न लगी। ये अपने आप में सवाल है? जबकि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी सीआरएस पोर्टल की निगरानी का जिम्मा जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के पास है। ताजा फर्जीवाड़े में तो आईडी पंचायत सचिव तक पहुंची ही नहीं थी। उससे पहले प्रमाण पत्र जारी हो गए।
रायबरेली में बना दिए गए थे 19 हजार फर्जी प्रमाण पत्र
रायबरेली के सलोन विकासखंड में जनसुविधा केंद्र के संचालक ने ग्राम विकास अधिकारी की आईडी से बड़ी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना दिए थे। जांच में फर्जी प्रमाण पत्र के करीब 19 हजार मामले सामने आए थे। इनमें से कई प्रमाण पत्र पीएफआई, रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े होने की शिकायत भी सामने आई थी। मामले में यूपी एटीएस सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
रायबरेली के सलोन विकासखंड में जनसुविधा केंद्र के संचालक ने ग्राम विकास अधिकारी की आईडी से बड़ी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना दिए थे। जांच में फर्जी प्रमाण पत्र के करीब 19 हजार मामले सामने आए थे। इनमें से कई प्रमाण पत्र पीएफआई, रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े होने की शिकायत भी सामने आई थी। मामले में यूपी एटीएस सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सबसे ज्यादा मैनपुरी क्षेत्र के बने हैं जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र
इस आईडी से सबसे ज्यादा प्रमाण पत्र मैनपुरी क्षेत्र के जारी हुए हैं। इससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह आईडी मैनपुरी जिले में चल रही हैं। हालांकि अभी स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
इस आईडी से सबसे ज्यादा प्रमाण पत्र मैनपुरी क्षेत्र के जारी हुए हैं। इससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह आईडी मैनपुरी जिले में चल रही हैं। हालांकि अभी स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
इन राज्यों के जारी हुए प्रमाण पत्र
बिहार -- 12
हरियाणा -- 4
झारखंड -- 13
कर्नाटक -- 1
मध्यप्रदेश -- 4
उत्तर प्रदेश -- 780
बिहार -- 12
हरियाणा -- 4
झारखंड -- 13
कर्नाटक -- 1
मध्यप्रदेश -- 4
उत्तर प्रदेश -- 780