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अनिल के हत्यारोपी पर दर्ज हैं कई मुकदमे

Sun, 08 Jan 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
अमर उजाला, हाथरस Updated Sun, 08 Jan 2017 11:57 PM IST
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Anil several cases of murder recorded on
‌किताबें - फोटो : demo pic
श्रीनगर निवासी अनिल की तालाब चौराहे पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के आरोपी योगेश पर पहले से पांच मुकदमे दर्ज हैं। बाइक चोरी और पुलिस से मुठभेड़ के आरोप में वह कई बार जेल की हवा खा चुका है। हैरत की बात यह है कि आरोपी का आपराधिक    इतिहास होने के बावजूद उसे न तो चुनाव से पहले पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई कर पाबंद किया और न ही उसकी हिस्ट्रीशीट अभी तक खोली गई है। 
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अनिल की हत्या के बाद पुलिस आरोपी की क्राइम हिस्ट्री पता करने में जुट गई है। चुनाव से पहले पुलिस ने जिले में बड़ी संख्या में लोगों को धारा 107/116 के तहत पाबंद किया है। जिन शातिर लोगों पर दो-तीन मुकदमे भी दर्ज हैं और गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई है।
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बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बावजूद योगेश पुलिस के रडार पर नहीं आ सका। यही नहीं जब उसने पहली बार दुर्गेश और अनिल के छोटे भाई दौजीराम के साथ मारपीट की थी। तभी उस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस को धारा 107/116 के तहत पाबंद करना चाहिए था।
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पुलिस की यह चूक बड़ी भूल साबित हुई और पुलिस की लापरवाही के कारण अनिल की जान चली गई। मालूम हो कि अनिल के भाई दौजीराम से विवाद के बाद छह जनवरी की दोपहर को तालाब चौराहे पर आरोपियों ने अनिल  को गोली मार दी थी। अलीगढ़ पहुंचने से पहले ही रास्ते में अनिल ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद अनिल के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। सभी आरोपी तभी से फरार हैं। 

योगेश की क्राइम हिस्ट्री निकलवाई जा रही है। उसने क्या-क्या अपराध किए हैं, इसका पता किया जा रहा है। एक-दो दिन में पूरा अपराधिक इतिहास पता लग जाएगा।  -आरके गौतम, सीओ सिटी

योगेश को पहले ही कर दिया था निष्कासित
समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष प्रशांत यादव का कहना है कि अनिल हत्याकांड के आरोपी जिस योगेश कुमार को सपा छात्र महासभा का जिला महासचिव बताया जा रहा है, उसे वह गत 15 दिसंबर को ही संगठन और पार्टी की सदस्यता से निष्कासित कर चुके हैं। इसकी सूचना भी प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव को पत्र भेजकर दे दी गई थी। योगेश की पार्टी की सदस्यता यश साहनी पुत्र रामेश्वर निवासी श्रीनगर के नाम से थी। उन्होंने रविवार को मीडिया को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि योगेश द्वारा लगातार अनुशासनहीनता की जा रही थी।

वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में भी लिप्त हैं। कई बार समझाने पर भी इनकी   गतिविधियों में कोई परिवर्तन नहीं आया है। लिहाजा इन्हें सपा छात्र सभा और पार्टी संगठन से छह वर्ष के लिए निष्कासित      कर दिया गया था। प्रशांत यादव का कहना है कि उन्होंने इसकी चिट्ठी भी प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव को भेज दी थी। गौरतलब है कि योगेश के खिलाफ श्रीनगर निवासी अनिल कुमार की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है।


आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
अनिल की मौत के बाद जागी हाथरस गेट पुलिस अब आरोपियों को दबोचने के लिए जमकर हाथ-पैर मार रही है। योगेश, बबलू और सेठी के तमाम ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपियों के साथ रहने वाले कुछ युवकों को हिरासत में भी लिया है। वहीं रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी ज्यादा दिन तक बचकर नहीं भाग सकें गे और जल्द ही पुलिस की पकड़ में आ जाएंगे। 
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