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78 शिक्षकों की नौकरी पर गहराया संकट
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78 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नौकरी पर गहराया संकट्र
एसआईटी जांच के घेरे में आए 78 शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
जवाब नहीं देने पर होगी विभागीय कार्रवाई, तीन सदस्यीय टीम कर रही मामले की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले के बेसिक के स्कूलों में तैनात 78 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नौकरी पर संकट गहरा गया है। एसआईटी की जांच के घेरे में आए शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बीएसए द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में बीएड करने वाले 78 शिक्षक-शिक्षिकाएं एसआईटी की जांच में फंसते नजर आ रहे हैं। इनमें 46 फर्जी, 21 टैंपर्ड और 11 संदिग्ध हैं। इन 11 संदिग्धों में पांच का डाटा तो विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में भी उपलब्ध नहीं है, जिससे साफ हो रहा है कि इन पांच की तो सेवा समाप्त होना लगभग तय है। इन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बीएसए ने बुधवार को नोटिस जारी किए हैं, ताकि वह कार्रवाई से पहले अपना पक्ष रख सकें।
आसपास के जिलों में कार्रवाई से खलबली
आसपास के जिलों में हो रही विभागीय कार्रवाई से अपने जिले में तैनात ऐसे शिक्षकों के होश उड़े हुए हैं। वह विभाग कर हर कार्रवाई पर नजर रख रहे हैं। इसके लिए वह विभाग के लोगों से इस जांच से बचने के उपाय भी पूछ रहे हैं।
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जांच से बच रहे कमेटी में शामिल अधिकारी
फर्जी, टेंपर्ड और संदिग्ध मार्कशीट के आधार पर शिक्षक बनने के मामले की जांच करने के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके। इस टीम में एबीएसए सुबोध पाठक, नंदित गुप्ता और पवन कुमारी शामिल हैं। इन तीनों अधिकारियों में से एक ने तो बीएसए यह भी लिखकर दिया है कि वह जांच करने में असमर्थ हैं।
वर्ष 2005 की बीएड की डिग्री के आधार पर शिक्षक शिक्षिका बनने वालों में से अपने जिले में करीब 72 शिक्षक-शिक्षिका ऐसे हैं, जिनकी मार्कशीट फर्जी, टेंपर्ड या फिर संदिग्ध हैं। ऐसे सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किए गए हैं, ताकि वह अपना पक्ष रख सकें। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-हरीशचंद्र, बीएसए।
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एसआईटी जांच के घेरे में आए 78 शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
जवाब नहीं देने पर होगी विभागीय कार्रवाई, तीन सदस्यीय टीम कर रही मामले की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले के बेसिक के स्कूलों में तैनात 78 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नौकरी पर संकट गहरा गया है। एसआईटी की जांच के घेरे में आए शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बीएसए द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में बीएड करने वाले 78 शिक्षक-शिक्षिकाएं एसआईटी की जांच में फंसते नजर आ रहे हैं। इनमें 46 फर्जी, 21 टैंपर्ड और 11 संदिग्ध हैं। इन 11 संदिग्धों में पांच का डाटा तो विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में भी उपलब्ध नहीं है, जिससे साफ हो रहा है कि इन पांच की तो सेवा समाप्त होना लगभग तय है। इन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बीएसए ने बुधवार को नोटिस जारी किए हैं, ताकि वह कार्रवाई से पहले अपना पक्ष रख सकें।
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आसपास के जिलों में कार्रवाई से खलबली
आसपास के जिलों में हो रही विभागीय कार्रवाई से अपने जिले में तैनात ऐसे शिक्षकों के होश उड़े हुए हैं। वह विभाग कर हर कार्रवाई पर नजर रख रहे हैं। इसके लिए वह विभाग के लोगों से इस जांच से बचने के उपाय भी पूछ रहे हैं।
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जांच से बच रहे कमेटी में शामिल अधिकारी
फर्जी, टेंपर्ड और संदिग्ध मार्कशीट के आधार पर शिक्षक बनने के मामले की जांच करने के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके। इस टीम में एबीएसए सुबोध पाठक, नंदित गुप्ता और पवन कुमारी शामिल हैं। इन तीनों अधिकारियों में से एक ने तो बीएसए यह भी लिखकर दिया है कि वह जांच करने में असमर्थ हैं।
वर्ष 2005 की बीएड की डिग्री के आधार पर शिक्षक शिक्षिका बनने वालों में से अपने जिले में करीब 72 शिक्षक-शिक्षिका ऐसे हैं, जिनकी मार्कशीट फर्जी, टेंपर्ड या फिर संदिग्ध हैं। ऐसे सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किए गए हैं, ताकि वह अपना पक्ष रख सकें। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-हरीशचंद्र, बीएसए।