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अवैध पशु कटान, बदबू से जीना दूभर
Hathras
Updated Fri, 23 May 2014 05:30 AM IST
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हाथरस। ‘अमर उजाला’ की टीम ने गुरुवार को नगर पालिका के वार्ड संख्या 19 में जाकर वहां का हाल देखा। मोहल्ला मधुगढ़ी की सड़क ऊबड़-खाबड़ और टूटी हुई है। यहां यह बात सामने आई कि वहां काफी लोग अवैध रूप से पशुओं का कटान करते हैं और बिना लाइसेंस के मीट की बिक्री होती है। खुलेआम मांस की बिक्री होती है। भीषण गंदगी से लोगों को मुंह पर कपड़ा ढककर निकलना पड़ रहा है। डाकखाने वाली गली और मधुगढ़ी रोड पर एनएच की सड़क ऊंची होने से जलभराव की समस्या है। इस वार्ड में एक मात्र गांधी पार्क भी बदहाल पड़ा हुआ है। पालिका ने इस पार्क की सुधि नहीं ली। यहां कूड़े के ढेर जमा हैं। चिंताहरण मंदिर के सामने सड़क निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही से देरी हो रही है। वार्ड की समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं। मधुगढ़ी रोड और इगलास अड्डे के निकट मीट की दुकानें हैं। यहां पर पशुओं का मांस बिकता है। कुछ लोगों की शिकायत थी कि खुलेआम अवैध रूप से पशुओं का कटान होता है। यहां किसी पर पशुओं की कट्टी का लाइसेंस नहीं है। पशु काटने के बाद उनका खून भी यूं ही नाले में बहा दिया जाता है। आम लोगों को यहां से गुजरते समय भीषण बदबू का सामना करना पड़ता है। इस समस्या की ओर आज तक किसी भी पालिका या प्रशासनिक अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। मधुगढ़ी से पत्थर वाली श्मशान भूमि के लिए जाने वाला रास्ता काफी ऊबड़-खाबड़ है। कई स्थानों पर गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। यदि किसी के यहां मौत हो जाती है तो इसी रास्ते से होकर लगभग आधे शहर के लोग पत्थर वाली पहुंचते हैं। शवयात्रा के दौरान कई बार जलभराव और कीचड़ के चलते शव भी गिर चुका है। लोगों में इसे लेकर काफी नाराजगी भी है। हल्की बारिश पर ही यहां जलभराव हो जाता है। पुलिया काफी ऊंची है और सड़क नीची। आए दिन यहां पर वाहनों के हादसे होते हैं। मधुगढ़ी रोड और डाकखाने वाली गली की सड़क अर्से से नहीं बनी हैं। जगह-जगह गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। आने-जाने वाले लोगों को यहां से गुजरने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हल्की बारिश या नाली चोक हो जाने पर दोनों ही क्षेत्रों में काफी जलभराव हो जाता है। इस गंभीर समस्या की ओर आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया है। मधुगढ़ी रोड पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का पार्क है। यह पार्क अब डलाबघर बन गया है। आसपास के लोग यहां पर आकर कूड़ा-करकट डालते हैं। इतना ही नहीं पास में ही कई दूध की डेयरियां भी संचालित हैं। गाय और भैंस का गोबर भी यहीं पर डाला जा रहा है। सुबह और रात के समय महिला और पुरुष यहां शौच करने भी पहुंच जाते हैं। गांधी की प्रतिमा के आसपास भीषण गंदगी हो रही है। इस वार्ड के कई क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। मधुगढ़ी में दुकानदारों ने दुकान से काफी आगे तक पक्के और तख्त आदि रखकर अतिक्रमण कर रखा है। अतिक्रमण से जेसीबी भी यहां पर सिल्ट से अटे पड़े नालों की भी सफाई नहीं कर पाती । गंदगी और सिल्ट के कारण लोगों का जीना हराम हो गया है। पूरे क्षेत्र में नाला सिल्ट से भरा पड़ा है। यह नाला सिल्ट से इतना सख्त हो गया है कि इस पर पैदल भी नहीं चल सकते। चिंताहरण महादेव मंदिर के सामने गली की सड़क का निर्माण लोकसभा चुनाव से 15 दिन पूर्व शुरू हुआ था। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं। दो माह बीत जाने के बाद भी छोटी सी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। बदहाल पड़ी इस गली के कारण लोगों को कई किमी घूमकर गंतव्य के लिए जाना पड़ रहा है। पेयजल संकट की बात करें तो भीषण गर्मी में पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग तरस रहे हैं। वार्ड में 12 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से 8 खराब पड़े हैं। जो हैंडपंप ठीक हैं, उनमें भी काफी देर तक हत्था मारने पर पानी निकलता है। कई हैंडपंप के हत्थे भी काफी ताकत लगाने के बाद चलते हैं। सुबह-शाम लोगों को पानी भी इधर-उधर से भरकर लाना पड़ता है।
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