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Hathras News: मुफ्त राशन के लिए 2,948 विधवा बनीं रहीं सुहागिन, आयकर दाता भी लेते रहे खाद्यान्न
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मुफ्त राशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। राशन कार्डों के आधार कार्ड से सत्यापन के दौरान खुलासा हुआ है कि जिले में 2,948 विधवा सुहागिन बनकर सरकारी राशन पा रहीं थीं। इतना ही नहीं 4320 आयकरदाता भी राशनकार्डों पर खाद्यान्न ले रहे थे। अब ऐसे लोगों के नाम राशन कार्डों से हटाए जाएंगे।
शासन के निर्देश पर राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है, साथ ही राशन कार्ड में शामिल सभी लोगों के आधार कार्ड जांचे जा रहे हैं। इसी के साथ ही पूर्ति विभाग की ओर से विभिन्न विभागों से लाभान्वित लोगों का डाटा लेकर सत्यापन किया जा रहा है। इसी में सामने आया है कि जो लोग मर चुके हैं, उनके नाम भी राशन कार्डों पर राशन लिया जा रहा है। पूर्ति विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में 4,320 ऐसे अपात्र पकड़े गए हैं, जो आयकरदाता थे। आयकर भरने के बाद भी मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। अब इन आयकरदाताओं के नाम भी सूची से काट दिए गए हैं।
विधवा पेंशन भी लेती रहीं और पति के नाम पर राशन भी
राशन कार्डों को आधार कार्ड से सत्यापन किया और अन्य विभागों से जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि 2948 महिलाएं ऐसी थीं जो समाज कल्याण विभाग से विधवा पेंशन भी ले रही थीं और राशन कार्डों में उनके पति को जिंदा थे और हर माह उनके नाम पर राशन लिया जा रहा था। यानी महिलाएं राशन कार्ड में सुहागिन थीं और समाज कल्याण विभाग के रिकॉर्ड में सुहागिन।
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-राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान जो लोग अपात्र पाए गए थे, उनके नाम सूची से काट दिए गए हैं। मृतकों के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं।
-ध्रुवराज यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
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शासन के निर्देश पर राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है, साथ ही राशन कार्ड में शामिल सभी लोगों के आधार कार्ड जांचे जा रहे हैं। इसी के साथ ही पूर्ति विभाग की ओर से विभिन्न विभागों से लाभान्वित लोगों का डाटा लेकर सत्यापन किया जा रहा है। इसी में सामने आया है कि जो लोग मर चुके हैं, उनके नाम भी राशन कार्डों पर राशन लिया जा रहा है। पूर्ति विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में 4,320 ऐसे अपात्र पकड़े गए हैं, जो आयकरदाता थे। आयकर भरने के बाद भी मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। अब इन आयकरदाताओं के नाम भी सूची से काट दिए गए हैं।
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विधवा पेंशन भी लेती रहीं और पति के नाम पर राशन भी
राशन कार्डों को आधार कार्ड से सत्यापन किया और अन्य विभागों से जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि 2948 महिलाएं ऐसी थीं जो समाज कल्याण विभाग से विधवा पेंशन भी ले रही थीं और राशन कार्डों में उनके पति को जिंदा थे और हर माह उनके नाम पर राशन लिया जा रहा था। यानी महिलाएं राशन कार्ड में सुहागिन थीं और समाज कल्याण विभाग के रिकॉर्ड में सुहागिन।
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-राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान जो लोग अपात्र पाए गए थे, उनके नाम सूची से काट दिए गए हैं। मृतकों के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं।
-ध्रुवराज यादव, जिला पूर्ति अधिकारी