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कमेटी प्रबंधक ने दिखाए स्वामित्व के दस्तावेज
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
रामलीला मैदान के मंच पर बीते दिनों चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाने के बाद शनिवार को रामलीला कमेटी के प्रबंधक पवन गौतम ने एसडीएम अमिताभ यादव से मुलाकात की और उन्हें स्वामित्व के दस्तावेज दिखाए।
एसडीएम के आदेश पर शुक्रवार को पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवाकर कमेटी के प्रबंधक को स्वामित्व के दस्तावेज दिखाने के लिए कहा था। एसडीएम को रामलीला मैदान पर कब्जा किए जाने की शिकायत मिली थी। एसडीएम को बताया गया था कि जिस जगह पर निर्माण हो रहा है, वह नजूल की संपत्ति है और सार्वजनिक है।
एसडीएम से मुलाकात के बाद सदर कोतवाली पहुंचे प्रबंधक पवन गौतम ने पुलिस से कहा कि रामलीला स्थल पर उनका स्वामित्व है। वह जो चाहें कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रशासन से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। हां, अगर वह कोई भवन बनाएंगे तो नक्शा पास कराना होगा।
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पवन गौतम ने कहा कि कुछ लोग उन्हें बेवजह परेशान करने पर तुले हैं। वह मंच की छत का जीर्णोद्धार करा रहे थे, जिसे गलत तरीके से अधिकारियों तक पहुंचाया गया। गौतम ने कहा कि रामलीला की जगह पर कई लोगों की नजर है। यहां हर रोज लगने वाली अस्थाई दुकानों से भी कई लोग मोटी वसूली कर रहे हैं। रामलीला के लिए उनके पुरखों ने यह जगह दी थी, इस पर कब्जे की किसी कोशिश को वह कामयाब नहीं होने देंगे।
- कमेटी प्रबंधक ने अपने दस्तावेज देकर रामलीला स्थल का स्वामित्व होने की बात कही है। इन दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद ही इस बारे में अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है।
- अमिताभ यादव, एसडीएम हाथरस
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रामलीला मैदान के मंच पर बीते दिनों चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाने के बाद शनिवार को रामलीला कमेटी के प्रबंधक पवन गौतम ने एसडीएम अमिताभ यादव से मुलाकात की और उन्हें स्वामित्व के दस्तावेज दिखाए।
एसडीएम के आदेश पर शुक्रवार को पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवाकर कमेटी के प्रबंधक को स्वामित्व के दस्तावेज दिखाने के लिए कहा था। एसडीएम को रामलीला मैदान पर कब्जा किए जाने की शिकायत मिली थी। एसडीएम को बताया गया था कि जिस जगह पर निर्माण हो रहा है, वह नजूल की संपत्ति है और सार्वजनिक है।
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एसडीएम से मुलाकात के बाद सदर कोतवाली पहुंचे प्रबंधक पवन गौतम ने पुलिस से कहा कि रामलीला स्थल पर उनका स्वामित्व है। वह जो चाहें कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रशासन से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। हां, अगर वह कोई भवन बनाएंगे तो नक्शा पास कराना होगा।
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पवन गौतम ने कहा कि कुछ लोग उन्हें बेवजह परेशान करने पर तुले हैं। वह मंच की छत का जीर्णोद्धार करा रहे थे, जिसे गलत तरीके से अधिकारियों तक पहुंचाया गया। गौतम ने कहा कि रामलीला की जगह पर कई लोगों की नजर है। यहां हर रोज लगने वाली अस्थाई दुकानों से भी कई लोग मोटी वसूली कर रहे हैं। रामलीला के लिए उनके पुरखों ने यह जगह दी थी, इस पर कब्जे की किसी कोशिश को वह कामयाब नहीं होने देंगे।
- कमेटी प्रबंधक ने अपने दस्तावेज देकर रामलीला स्थल का स्वामित्व होने की बात कही है। इन दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद ही इस बारे में अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है।
- अमिताभ यादव, एसडीएम हाथरस