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डीओ पर दस हजार की रिश्वत मांगने का आरोप, दी तहरीर
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
थाना कोतवाली सदर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है। इसमें उस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। वहीं अभिहित अधिकारी ने इसे निराधार और तथ्यहीन बताया है। शिकायत में हरीमोहन रूपेश कुमार के फर्म स्वामी रूपेश गुप्ता ने कहा है कि उनके यहां खाद्य तेल का कारोबार होता है।
15 मार्च को सादाबाद की फर्म वार्ष्णेय ट्रेडर्स से सोयाबीन रिफाइंड ऑयल का नमूना भरा गया था। इसके बाद इन्हें अभिहित अधिकारी ने अपने कार्यालय में 15 अप्रैल को बुलाया था। आरोप है कि अभिहित अधिकारी के कार्यालय में गए तो उन्होंने उसे अपने केबिन में बुलाया और दस हजार रुपये की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि वह यह रुपये उनके चीफ हरेंद्र को दे दें।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने यह रुपये हरेंद्र को दे दिए। अब वह 16 अप्रैल को जब अभिहित अधिकारी के पास रिपोर्ट लेने को गया तो वह उस पर आग बबूला हो गए और बोले कि तूने रिपोर्ट मांगने की बात की है। तेरा व्यापार बंद करा दूंगा। साथ ही यह भी कहा कि हर साल की तरफ दीपावली पर 30 हजार रुपये हमारे चीफ को दे देना।
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कारोबारी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी का कहना है कि उसने यह शिकायत कोतवाली में हेल्प डेस्क पर की है। वहीं अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने इस मामले को लेकर कहा है कि जो भी आरोप लगाया गया है, वह निराधार और तथ्य हीन है।
आरोप लगाने वाले का तेल का नमूना फेल आया था, उस नमूने की रिपोर्ट को वह मांग रहा था, जबकि इस रिपोर्ट को देने का कोई प्राविधान नहीं है। इस बात से गुस्सा होकर हरीमोहन रूपेश कुमार द्वारा यह आरोप लगाया गया है।
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थाना कोतवाली सदर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है। इसमें उस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। वहीं अभिहित अधिकारी ने इसे निराधार और तथ्यहीन बताया है। शिकायत में हरीमोहन रूपेश कुमार के फर्म स्वामी रूपेश गुप्ता ने कहा है कि उनके यहां खाद्य तेल का कारोबार होता है।
15 मार्च को सादाबाद की फर्म वार्ष्णेय ट्रेडर्स से सोयाबीन रिफाइंड ऑयल का नमूना भरा गया था। इसके बाद इन्हें अभिहित अधिकारी ने अपने कार्यालय में 15 अप्रैल को बुलाया था। आरोप है कि अभिहित अधिकारी के कार्यालय में गए तो उन्होंने उसे अपने केबिन में बुलाया और दस हजार रुपये की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि वह यह रुपये उनके चीफ हरेंद्र को दे दें।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने यह रुपये हरेंद्र को दे दिए। अब वह 16 अप्रैल को जब अभिहित अधिकारी के पास रिपोर्ट लेने को गया तो वह उस पर आग बबूला हो गए और बोले कि तूने रिपोर्ट मांगने की बात की है। तेरा व्यापार बंद करा दूंगा। साथ ही यह भी कहा कि हर साल की तरफ दीपावली पर 30 हजार रुपये हमारे चीफ को दे देना।
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कारोबारी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी का कहना है कि उसने यह शिकायत कोतवाली में हेल्प डेस्क पर की है। वहीं अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने इस मामले को लेकर कहा है कि जो भी आरोप लगाया गया है, वह निराधार और तथ्य हीन है।
आरोप लगाने वाले का तेल का नमूना फेल आया था, उस नमूने की रिपोर्ट को वह मांग रहा था, जबकि इस रिपोर्ट को देने का कोई प्राविधान नहीं है। इस बात से गुस्सा होकर हरीमोहन रूपेश कुमार द्वारा यह आरोप लगाया गया है।