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Hardoi News: बस अड्डे पर रोडवेज की दो बसों के बीच फंसकर महिला की मौत
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फोटो- 10- नेहा सिंह। फाइल फोटो
हरदोई। बस अड्डे पर मंगलवार को रोडवेज की दो बसों के बीच फंसकर महिला की मौत हो गई। घटना से मौके पर अफरा तफरी मच गई। महिला के जीवित होने की संभावना को देखते हुए होमगार्ड और यात्री उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। शव के पास मिले फोन से परिजन को सूचना दी गई। दोनों बसों के चालक मौके से भाग निकले।
देहात कोतवाली क्षेत्र के खेतुई निवासी नेहा सिंह (41) एक आयुर्वेदिक दवा कंपनी में काम करती थीं। देवर वीरेश सिंह ने बताया कि मंगलवार को कंपनी के सेमिनार में शामिल होने के लिए नेहा को उन्नाव के बांगरमऊ जाना था। गांव से वह रोडवेज बस अड्डे पर गई थीं। बस के बारे में पूछकर वह प्लेटफार्म से उतरकर जा रही थीं।
इस दौरान कन्नौज डिपो की बस वहां आई और पहले से खड़ी हरदोई डिपो की बस से बिल्कुल सटकर निकलने लगी। इस दौरान नेहा दोनों बसों के बीच में दब गईं और उनकी मौत हो गई। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज निकलवाए जा रहे हैं। परिजन से शिकायत लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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दुर्घटना में ही हुई थी पति की भी मौत, अनाथ हुए दो मासूम
नेहा के पति सर्वेश सिंह ट्रक चालक थे। आठ साल पहले सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। परिवार में दो बच्चे रिया और विवेक हैं। दोनों बच्चों का पालन पोषण करने के लिए नेहा ने रोजगार चुना था। रिया कक्षा नौ की छात्रा है जबकि विवेक कक्षा तीन का छात्र है। दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था और अब मां की मौत हो जाने से दोनों बच्चे बदहवास हो गए।
जिम्मेदारों के फोन हुए स्विच ऑफ, बचते रहे मीडिया से
रोडवेज बस अड्डे पर हुई घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सड़क परिवहन निगम के जिम्मेदार सकते में आ गए। फौरी तौर पर जवाबदेही से बचने के लिए ज्यादातर जिम्मेदारों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए। इतना ही नहीं कई अधिकारी तो चुपचाप मेडिकल कॉलेज पहुंचे और इसके बाद कार्यालय में भी लोगों से मिलने से बचते रहे।
हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंच कर महिला के संबंध में जानकारी जुटाई गई है। जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -वैभव रघुवंशी,
हरदोई डिपो प्रभारी
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देहात कोतवाली क्षेत्र के खेतुई निवासी नेहा सिंह (41) एक आयुर्वेदिक दवा कंपनी में काम करती थीं। देवर वीरेश सिंह ने बताया कि मंगलवार को कंपनी के सेमिनार में शामिल होने के लिए नेहा को उन्नाव के बांगरमऊ जाना था। गांव से वह रोडवेज बस अड्डे पर गई थीं। बस के बारे में पूछकर वह प्लेटफार्म से उतरकर जा रही थीं।
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इस दौरान कन्नौज डिपो की बस वहां आई और पहले से खड़ी हरदोई डिपो की बस से बिल्कुल सटकर निकलने लगी। इस दौरान नेहा दोनों बसों के बीच में दब गईं और उनकी मौत हो गई। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज निकलवाए जा रहे हैं। परिजन से शिकायत लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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दुर्घटना में ही हुई थी पति की भी मौत, अनाथ हुए दो मासूम
नेहा के पति सर्वेश सिंह ट्रक चालक थे। आठ साल पहले सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। परिवार में दो बच्चे रिया और विवेक हैं। दोनों बच्चों का पालन पोषण करने के लिए नेहा ने रोजगार चुना था। रिया कक्षा नौ की छात्रा है जबकि विवेक कक्षा तीन का छात्र है। दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था और अब मां की मौत हो जाने से दोनों बच्चे बदहवास हो गए।
जिम्मेदारों के फोन हुए स्विच ऑफ, बचते रहे मीडिया से
रोडवेज बस अड्डे पर हुई घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सड़क परिवहन निगम के जिम्मेदार सकते में आ गए। फौरी तौर पर जवाबदेही से बचने के लिए ज्यादातर जिम्मेदारों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए। इतना ही नहीं कई अधिकारी तो चुपचाप मेडिकल कॉलेज पहुंचे और इसके बाद कार्यालय में भी लोगों से मिलने से बचते रहे।
हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंच कर महिला के संबंध में जानकारी जुटाई गई है। जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -वैभव रघुवंशी,
हरदोई डिपो प्रभारी

फोटो- 10- नेहा सिंह। फाइल फोटो