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यह कैसा कायाकल्प : पगडंडी पर स्कूल का सफर फिर सीलन भरी फर्श पर पढ़ाई

Sat, 02 Aug 2025 10:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 10:33 PM IST
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What kind of rejuvenation is this: Journey to school on the footpath and then studying on a damp floor
हरपालपुर। मिशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प का दावा लगातार किया जा रहा है। इन दावों की जमीनी हकीकत बेहद खराब है। मिशन कायाकल्प के तहत ग्राम पंचायतों ने विद्यालय के कक्षों में टायलीकरण कराने की बात कही लेकिन ज्यादातर जगहों पर औपचारिकता ही पूरी हुई। अगर किसी विद्यालय में चार कक्ष हैं तो दो में टायलीकरण कर दिया गया। कुछ इसी तरह का हाल विद्यालय जाने वाले मार्गाें और शौचालयों का भी है। कहने को विद्यालयों में सबमर्सिबल पंप लगा है लेकिन रनिंग वाटर के लिए लगाई गईं टोटियां ही खराब हो चुकी हैं। पेश है एक रिपोर्ट ...
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स्कूल जाने के लिए पगडंडीनुमा सड़क, परिसर में कीचड़
हरपालपुर विकास खंड के ज्योतीपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय मिशन कायाकल्प की तल्ख हकीकत बताने को काफी है। विद्यालय जाने के लिए एक कच्ची पगडंडीनुमा सड़क है। विद्यालय परिसर के अंदर इंटरलॉकिंग नहीं कराई गई है। इस कारण बारिश में विद्यालय में कीचड़ हो जाता है। वैसे भी विद्यालय परिसर थोड़ा निचले हिस्से में है तो सामान्य तौर पर भी यहां पानी भर जाता है। विद्यालय के ज्यादातर कक्षों की फर्श टूटी हुई है और टायलीकरण तो दूर की कौड़ी है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमल किशोर अग्निहोत्री ने बताया कि कच्ची सड़क व विद्यालय में कीचड़ के बारे में प्रधान और उच्चाधिकारियों को बताया जा चुका है। ग्राम प्रधान अरुणा देवी कहती हैं कि मिशन कायाकल्प के कुछ काम अधूरे हैं। बजट मिलते ही यह काम पूरे करा दिए जाएंगे।
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दो कक्षों में टायलीकरण, बाकी फर्श चिटकी, 72 बच्चों के लिए बेंच, बाकी जमीन पर
हरपालपुर विकास खंड की हरपालपुर ग्राम पंचायत में संविलियन विद्यालय है। यहां सिर्फ दो कक्षों में टायलीकरण हुआ है। बाकी फर्श पुरानी और जगह-जगह चिटकी हुई है। सीलन भरी इस फर्श पर बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं। विद्यालय में कुल 152 विद्यार्थी हैं। इनमें से 72 विद्यार्थियों के लिए बेंच हैं लेकिन बाकी सब को जमीन पर बैठकर ही पढ़ना होता है। प्रधानाध्यापिका प्रियवंदा देवी ने बताया कि विद्यालय परिसर में जलभराव होने और टायलीकरण न होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। ग्राम प्रधान सज्जाद मंसूरी ने बताया कि दो कमरों में टायलीकरण कराया गया है। बाकी में बजट आने पर करा दिया जाएगा।
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अभी मिशन कायाकल्प की वास्तविक स्थिति पता करा रहे हैं। जिन विद्यालयों में भी काम अधूरा है, उन्हें पूरा कराया जाएगा। मिशन कायाकल्प में जो भी पैरामीटर हैं उन पर विद्यालयों को परखा जाएगा। -अशोक कुमार द्विवेदी, खंड विकास अधिकारी, हरपालपुर
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