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गंगा चेतावनी बिंदु से ऊपर, रामगंगा घटीं
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Sun, 24 Jul 2016 12:17 AM IST
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बाढ़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है जबकि रामगंगा में पानी कुछ घटा है। गंगा चेतावनी बिंदु से छह सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। शुक्रवार रात फिर नरौरा बांध से 87978 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे गंगा के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। बढ़ते जलस्तर से घबराए गंगा किनारे के गांवों के लोग आशियाना छोड़कर ऊंचाई पर जाने लगे हैं।
छिबरामऊ संवाददाता के अनुसार, घासीरामपुरवा, रामेश्वरपुरवा, गन्नीपुरवा, बिछुईया आदि गांवोें के कुछ परिवाराें ने कन्नौज रोड डेरा डाल लिया है। त्रिलोकपुरवा को पानी ने घेर लिया है। इस गांव का संपर्क मार्ग भी डूब गया है। घासीरामपुरवा में भी खेतों में फसल भी डूबने लगी हैं। चिरंजूपुरवा के गुरुदयाल, गोपाल, रामनाथ, बुलाकीराम किशनू आदि ने बताया कि हर बार बाढ़ आने पर हम लोगों के घर उजड़ जाते हैं। पानी उतरने के बाद संघर्ष कर जीवन शुरू करते हैं, शासन से कभी मदद नहीं मिली। बाढ़ के बाद राजस्व टीम ने सर्वे कर कभी सही रिपोर्ट ही शासन को नहीं भेजी।
रामेश्वरपुरवा के रतीराम, महेंद्र, शिवकुमार, रामजीवन आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों के नाम पर अफसर मजाक करते हैं। गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है। अभी तक कोई अधिकारी हाल लेने नहीं आया। बाढ़ चौकियां भी सूनी पड़ी हैं।
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उधर, एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी का कहना है कि तहसील के कर्मचारी मुस्तैद हैं। बाढ़ से निपटने के लिए 54 चौकियां बनाई गई हैं और शासन स्तर से जो भी मदद बाढ़ पीड़ितों को भेजी जाएगी वह सब बाढ़ पीड़ितों को वितरित की जाएगी।
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छिबरामऊ संवाददाता के अनुसार, घासीरामपुरवा, रामेश्वरपुरवा, गन्नीपुरवा, बिछुईया आदि गांवोें के कुछ परिवाराें ने कन्नौज रोड डेरा डाल लिया है। त्रिलोकपुरवा को पानी ने घेर लिया है। इस गांव का संपर्क मार्ग भी डूब गया है। घासीरामपुरवा में भी खेतों में फसल भी डूबने लगी हैं। चिरंजूपुरवा के गुरुदयाल, गोपाल, रामनाथ, बुलाकीराम किशनू आदि ने बताया कि हर बार बाढ़ आने पर हम लोगों के घर उजड़ जाते हैं। पानी उतरने के बाद संघर्ष कर जीवन शुरू करते हैं, शासन से कभी मदद नहीं मिली। बाढ़ के बाद राजस्व टीम ने सर्वे कर कभी सही रिपोर्ट ही शासन को नहीं भेजी।
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रामेश्वरपुरवा के रतीराम, महेंद्र, शिवकुमार, रामजीवन आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों के नाम पर अफसर मजाक करते हैं। गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है। अभी तक कोई अधिकारी हाल लेने नहीं आया। बाढ़ चौकियां भी सूनी पड़ी हैं।
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उधर, एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी का कहना है कि तहसील के कर्मचारी मुस्तैद हैं। बाढ़ से निपटने के लिए 54 चौकियां बनाई गई हैं और शासन स्तर से जो भी मदद बाढ़ पीड़ितों को भेजी जाएगी वह सब बाढ़ पीड़ितों को वितरित की जाएगी।