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Hardoi News: वेटिंग हॉल तैयार फिर भी 200 रुपये देकर यात्री कर रहे इंतजार
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फोटो 35- अमृत भारत योजना के तहत बने नए वेटिंग हाल पर लटका ताला। संवाद
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हरदोई। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावों के बीच रेलवे स्टेशन पर व्यवस्था की हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन पर यात्रियों के लिए तैयार किए गए दोनों नए वेटिंग हॉल पर ताला लटका है। वहीं ट्रेन लेट होने या कई घंटे इंतजार की स्थिति में यात्रियों को निजी वेटिंग हॉल में इंतजार करने के लिए 200 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
करोड़ों से बने नए वेटिंग हाॅल तैयार होने के बावजूद यात्रियों को इंतजार के लिए अपनी जेब से 30 रुपये प्रति घंटे का शुल्क चुकाना पड़ रहा है। पांच घंटे ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को 150 रुपये तक देने पड़ रहे हैं जबकि इंतजार और लंबा होने पर यह खर्च 200 रुपये तक पहुंच जाता है। जिन यात्रियों के पास निजी हॉल का शुल्क देने के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं हैं वे गर्मी में बाहर स्टेशन परिसर की बेंच पर बैठ या लेटकर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं। स्टेशन अधीक्षक नरसीलाल मीणा ने बताया कि नए वेटिंग हॉल तैयार हैं लेकिन अभी हमे हैंडओवर नहीं हुए हैं।
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बोले यात्री
-मैं पति के साथ अंबाला जा रही हूं। टड़ियांवा से नौ बजे हरदोई स्टेशन आ गए थे। ट्रेन आने में करीब पांच घंटे हैं। निजी वेटिंग हॉल में बैठकर इंतजार करने के 200 रुपये दिए हैं। अगर सरकारी वेटिंग हॉल पर ताला न होता तो हमारे पैसे बच जाते। -जिया वाल्मीकि, यात्री
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-नया वेटिंग हॉल तैयार होने के बावजूद बंद है इसलिए निजी हॉल में बैठना पड़ा। दो घंटे के लिए 60 रुपये देने पड़ गए। रेलवे ने यात्रियों के लिए जब वेटिंग हॉल बनाया है तो उसे शुरू भी किया जाना चाहिए। -कपिल मौर्य, यात्री
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करोड़ों से बने नए वेटिंग हाॅल तैयार होने के बावजूद यात्रियों को इंतजार के लिए अपनी जेब से 30 रुपये प्रति घंटे का शुल्क चुकाना पड़ रहा है। पांच घंटे ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को 150 रुपये तक देने पड़ रहे हैं जबकि इंतजार और लंबा होने पर यह खर्च 200 रुपये तक पहुंच जाता है। जिन यात्रियों के पास निजी हॉल का शुल्क देने के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं हैं वे गर्मी में बाहर स्टेशन परिसर की बेंच पर बैठ या लेटकर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं। स्टेशन अधीक्षक नरसीलाल मीणा ने बताया कि नए वेटिंग हॉल तैयार हैं लेकिन अभी हमे हैंडओवर नहीं हुए हैं।
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बोले यात्री
-मैं पति के साथ अंबाला जा रही हूं। टड़ियांवा से नौ बजे हरदोई स्टेशन आ गए थे। ट्रेन आने में करीब पांच घंटे हैं। निजी वेटिंग हॉल में बैठकर इंतजार करने के 200 रुपये दिए हैं। अगर सरकारी वेटिंग हॉल पर ताला न होता तो हमारे पैसे बच जाते। -जिया वाल्मीकि, यात्री
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-नया वेटिंग हॉल तैयार होने के बावजूद बंद है इसलिए निजी हॉल में बैठना पड़ा। दो घंटे के लिए 60 रुपये देने पड़ गए। रेलवे ने यात्रियों के लिए जब वेटिंग हॉल बनाया है तो उसे शुरू भी किया जाना चाहिए। -कपिल मौर्य, यात्री

फोटो 35- अमृत भारत योजना के तहत बने नए वेटिंग हाल पर लटका ताला। संवाद

फोटो 35- अमृत भारत योजना के तहत बने नए वेटिंग हाल पर लटका ताला। संवाद

फोटो 35- अमृत भारत योजना के तहत बने नए वेटिंग हाल पर लटका ताला। संवाद