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फर्जी वरासत दर्ज कराने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर दो पर रिपोर्ट
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पिहानी। गौरिया गांव निवासी वृद्ध महिला ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके दोनों अविवाहित मामा मरने से पूर्व ही अपनी पूरी संपत्ति की रजिस्टर्ड वसीयत उसके व उसके पति नाम कर दी थी। इसमें गांव के ही दो लोग गवाह थे। बताया कि वर्ष 2001 में दोनों गवाहों ने धोखाधड़ी कर खुद को मामा का पोता दर्शा कर अपने नाम बतौर वारिस दर्ज करा लिया। मामला संज्ञान में आने पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव गौरिया निवासी वृद्ध महिला रेशमा देवी ने कोर्ट को दिए गए प्रार्थनापत्र में बताया कि उसके मामा बाबूराम व खुशीराम ने 14 जनवरी 1985 को अपनी संपूर्ण चल व अचल संपत्ति की रजिस्टर्ड वसीयत उसके व उसके पति के नाम कर दी थी। इसमें गांव के ही बुद्ध प्रकाश व सुरेंद्र पाल मिश्र गवाह थे। बताया कि उसके अनपढ़ व वृद्ध होने का फायदा उठाते हुए गांव के ही बुद्ध प्रकाश व सुरेंद्र पाल ने आपसी सांठगांठ से धोखाधड़ी करते हुए बुद्ध प्रकाश को उसके मामा का पोता दिखा कर 24 जनवरी 2001 को उसके नाम वरासत दर्ज करवा ली। जबकि उसके दोनों मामा अविवाहित थे।
रेशमा देवी ने बताया कि वर्ष 2020 में जब उसे इसका पता चला तो उसने कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। पूरे मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी बुद्ध प्रकाश व सुरेंद्र पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव गौरिया निवासी वृद्ध महिला रेशमा देवी ने कोर्ट को दिए गए प्रार्थनापत्र में बताया कि उसके मामा बाबूराम व खुशीराम ने 14 जनवरी 1985 को अपनी संपूर्ण चल व अचल संपत्ति की रजिस्टर्ड वसीयत उसके व उसके पति के नाम कर दी थी। इसमें गांव के ही बुद्ध प्रकाश व सुरेंद्र पाल मिश्र गवाह थे। बताया कि उसके अनपढ़ व वृद्ध होने का फायदा उठाते हुए गांव के ही बुद्ध प्रकाश व सुरेंद्र पाल ने आपसी सांठगांठ से धोखाधड़ी करते हुए बुद्ध प्रकाश को उसके मामा का पोता दिखा कर 24 जनवरी 2001 को उसके नाम वरासत दर्ज करवा ली। जबकि उसके दोनों मामा अविवाहित थे।
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रेशमा देवी ने बताया कि वर्ष 2020 में जब उसे इसका पता चला तो उसने कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। पूरे मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी बुद्ध प्रकाश व सुरेंद्र पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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