{"_id":"57b9ed574f1c1b8c63d4f295","slug":"trends-toward-increased-floriculture","type":"story","status":"publish","title_hn":"फूलों की खेती की ओर बढ़ा रुझान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फूलों की खेती की ओर बढ़ा रुझान
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
बगीचा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। परंपरागत खेती छोड़ जिले के किसान फूलों की खेती की ओर रुख करने लगे हैं। इससे फूलों की खेती का रकबा 100 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। जिले में उगने वाले फूल लखनऊ के अलावा कानपुर, बरेली और दिल्ली की मंडी तक जाते हैं।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि हरदोई के कई क्षेत्रों की मिट्टी गेंदा, ग्लोडियस, गुलाब और रजनीगंधा की खेती के अनुकूल है। फूलाें की खेती से किसानों को अच्छी आमदनी हो जाती है। इस कारण संडीला, माधौगंज, मल्लावां, बावन, सुरसा सहित कई क्षेत्रों के किसानों का रुझान फूलों की खेती की ओर ज्यादा बढ़ रहा है। जिले के ज्यादातर किसान लखनऊ मंडी में फूल ले जाते हैं। कुछ व्यापारी यहां से बरेली, दिल्ली और कानपुर भी फूल ले जाते हैं। उद्यान अधिकारी ने बताया कि फूलों की खेती पूरे साल की जा सकती है, इसलिए भी किसान परंपरागत खेती को छोड़ फूलों की खेतों की ओर ध्यान दे रहे हैं। फूलों की खेती करने वालों मेें छोटे किसानों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन
उद्योग विभाग की सहायता से बढ़ा हौसला
उद्यान निरीक्षक हरिओम ने बताया कि फूलों की खेती करने वाले किसानों को विभाग से तकनीकी जानकारी दी जाती है। जिले में 50 से अधिक किसान बेहतर तरीके से फूलों की खेती कर रहे हैं। पंजीकृत दो नर्सरियों से किसानों को अच्छी वैराइटी की पौध और उद्यान विभाग से बीच उपलब्ध हो जाते हैं। विभाग से मिलने वाली सुविधाओं और जानकारियों ने फूलों की खेती करने वाले किसानों का हौसला बढ़ा दिया है।
विज्ञापन