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जीपीएस के माध्यम से बाघ को खोज रहीं 5 टीमें
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हरदोई। पाली थाना क्षेत्र के कहरई नकटौरा में बाघ के पंजों के निशान मिलने के बाद तीन रेंजों की पांच टीमें आसपास के गांवों में कांबिंग कर रही हैं। सोमवार को डीएफओ व विशेषज्ञों ने जीपीएस के माध्यम से बाघ की तलाश की। डीएफओ का कहना है कि बाघ के जिले की सीमा से बाहर जाने की संभावना है। ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा गया है।
शनिवार देर शाम पाली क्षेत्र के रायपुर भज्जापुर निवासी अशोक शुक्ला के खेत में बाघ के पंजों के निशान मिले थे। रविवार को यहां से डेढ़ किलोमीटर दूर कहरई नकटौरा में विष्णु के खेत में पंजों के निशान मिले। इस पर मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने गांवों का निरीक्षण किया। कानपुर चिड़ियाघर से डॉ. आरके सिंह, डॉ. सर्वेश राय व डॉ. समीर भी जिले में पहुंच गए।
उन्होंने जीपीएस की मदद से ट्रैकिंग शुरू की। डीएफओ विमल कुमार ने बताया कि हरपालपुर, शाहाबाद व हरदोई रेंज की पांच टीमों ने विशेषज्ञों के बताए गए निर्देशों पर कांबिंग की। सोमवार देर शाम तक कहीं और पंजे के निशान नहीं मिले। कहा जाता है कि बाघ सीधी रेखा में चलता है। नदी व नहर आने पर मुड़ता है। इसके कारण गर्रा नदी के किनारे भी तलाश की गई। टीमों ने तिमिरपुर, कनकापुर, नकटौरा, चकौलीकला, भजनपुरवा, चकौली खुर्द में कांबिंग की।
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तीन रेंजों की टीमें भी रिजर्व
प्रभारी डीएफओ विमल कुमार का कहना है कि तीन और रेंजों की टीमों को भी एक्टिव किया गया है। इसमें कछौना, बिलग्राम व पिहानी की टीमें हैं।
जंगली जानवर के हमले से पड़िया घायल
हरपालपुर। अरवल थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में रविवार रात जंगली जानवर के हमले में रामसच्चे की पड़िया गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने बाघ की आशंका जता अरवल पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष अरवल ओमप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे। डीएफओ का कहना है कि टीमें पहुंची हैं। पीछे से हमला किया गया है, ये बाघ की प्रवृत्ति से मेल नहीं खाता। बाघ के कोई निशान नहीं मिले हैं।
शाहजहांपुर, लखीमपुर, फर्रुखाबाद में भी अलर्ट
डीएफओ का कहना है कि जिले की सीमा से सटे शाहजहांपुर, लखीमपुर व फर्रुखाबाद के वन विभाग को भी अलर्ट किया जा चुका है। तीनों जिलों के वन अधिकारी लगातार संपर्क में हैं।
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शनिवार देर शाम पाली क्षेत्र के रायपुर भज्जापुर निवासी अशोक शुक्ला के खेत में बाघ के पंजों के निशान मिले थे। रविवार को यहां से डेढ़ किलोमीटर दूर कहरई नकटौरा में विष्णु के खेत में पंजों के निशान मिले। इस पर मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने गांवों का निरीक्षण किया। कानपुर चिड़ियाघर से डॉ. आरके सिंह, डॉ. सर्वेश राय व डॉ. समीर भी जिले में पहुंच गए।
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उन्होंने जीपीएस की मदद से ट्रैकिंग शुरू की। डीएफओ विमल कुमार ने बताया कि हरपालपुर, शाहाबाद व हरदोई रेंज की पांच टीमों ने विशेषज्ञों के बताए गए निर्देशों पर कांबिंग की। सोमवार देर शाम तक कहीं और पंजे के निशान नहीं मिले। कहा जाता है कि बाघ सीधी रेखा में चलता है। नदी व नहर आने पर मुड़ता है। इसके कारण गर्रा नदी के किनारे भी तलाश की गई। टीमों ने तिमिरपुर, कनकापुर, नकटौरा, चकौलीकला, भजनपुरवा, चकौली खुर्द में कांबिंग की।
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तीन रेंजों की टीमें भी रिजर्व
प्रभारी डीएफओ विमल कुमार का कहना है कि तीन और रेंजों की टीमों को भी एक्टिव किया गया है। इसमें कछौना, बिलग्राम व पिहानी की टीमें हैं।
जंगली जानवर के हमले से पड़िया घायल
हरपालपुर। अरवल थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में रविवार रात जंगली जानवर के हमले में रामसच्चे की पड़िया गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने बाघ की आशंका जता अरवल पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष अरवल ओमप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे। डीएफओ का कहना है कि टीमें पहुंची हैं। पीछे से हमला किया गया है, ये बाघ की प्रवृत्ति से मेल नहीं खाता। बाघ के कोई निशान नहीं मिले हैं।
शाहजहांपुर, लखीमपुर, फर्रुखाबाद में भी अलर्ट
डीएफओ का कहना है कि जिले की सीमा से सटे शाहजहांपुर, लखीमपुर व फर्रुखाबाद के वन विभाग को भी अलर्ट किया जा चुका है। तीनों जिलों के वन अधिकारी लगातार संपर्क में हैं।