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दिन दहाड़े टाइगर ने बोला हमला, तीन किसान लहुलूहान
-घायल पुतान। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। कासिमपुर थाना क्षेत्र के नंदोली गांव में मंगलवार दोपहर खेतों की तरफ जा रहे किसानों पर बाघ ने हमला कर दिया। इसमें तीन किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पंजे के निशान देखकर बाघ होने की पुष्टि की है।
कासिमपुर थाना क्षेत्र नंदोली गांव निवासी भैयालाल (46), मुकेश (30) मंगलवार दोपहर खेत जा रहे थे। साथ में दिबियापुर माधौगंज निवासी निवासी भैयालाल का बहनोई पुतान भी था। गांव से कुछ दूर तालाब के किनारे झाड़ियों से निकले जंगली जानवर ने अचानक तीनों पर हमला कर दिया। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर पुलिस व वन विभाग की टीम भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को बेहंदर सीएचसी भिजवाया। जहां से उन लोगों को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
मौके पर पहुंची संडीला व कछौना की वन विभाग की टीमें देर शाम तक घेराबंदी कर जंगली जानवर की तलाश करती रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। डिप्टी रेंजर बृजेश सिंह ने बताया कि जंगली जानवर की तलाश में टीमेें लगाई गईं हैं। मौके पर पहुंचे डीएफओ रविशंकर शंकर शुक्ला ने जंगली जानवर के पंजों के निशानों को वर्ल्ड वाइल्ड लाइन की टीम को भेजा। टीम ने जांच के बाद इन पंजों के बाघ का होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कासिमपुर से सटे उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र में बाघ का आतंक था। अनुमान लगाया जा रहा है यह वही है। बाघ की तलाश के लिए दुधवा नेशनल पार्क की टीम व लखनऊ हेडक्वार्टर भी सूचना दी गई है। पिंजड़ा भी मंगाया गया है।
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ग्रामीण बोले बाघ ही था
प्रत्यक्षदर्शी दिलीप व रमेश ने बताया की देखने में बाघ जैसा जानवर लग रहा था। बताया कि गंगाराम पाल व प्रसादी, चंदिका के खेत में लगभग 300 मीटर दूर तक पदचिह्न मिले हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। जंगली जानवर की दस्तक से ग्रामीणों ने खेतों तरफ न जाने की बात कही है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने भी इलाके के बाशिंदों से अलर्ट रहने व सतर्कता बरतने की अपील की है।
कासिमपुर थाना क्षेत्र नंदोली गांव निवासी भैयालाल (46), मुकेश (30) मंगलवार दोपहर खेत जा रहे थे। साथ में दिबियापुर माधौगंज निवासी निवासी भैयालाल का बहनोई पुतान भी था। गांव से कुछ दूर तालाब के किनारे झाड़ियों से निकले जंगली जानवर ने अचानक तीनों पर हमला कर दिया। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर पुलिस व वन विभाग की टीम भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को बेहंदर सीएचसी भिजवाया। जहां से उन लोगों को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
मौके पर पहुंची संडीला व कछौना की वन विभाग की टीमें देर शाम तक घेराबंदी कर जंगली जानवर की तलाश करती रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। डिप्टी रेंजर बृजेश सिंह ने बताया कि जंगली जानवर की तलाश में टीमेें लगाई गईं हैं। मौके पर पहुंचे डीएफओ रविशंकर शंकर शुक्ला ने जंगली जानवर के पंजों के निशानों को वर्ल्ड वाइल्ड लाइन की टीम को भेजा। टीम ने जांच के बाद इन पंजों के बाघ का होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कासिमपुर से सटे उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र में बाघ का आतंक था। अनुमान लगाया जा रहा है यह वही है। बाघ की तलाश के लिए दुधवा नेशनल पार्क की टीम व लखनऊ हेडक्वार्टर भी सूचना दी गई है। पिंजड़ा भी मंगाया गया है।
ग्रामीण बोले बाघ ही था
प्रत्यक्षदर्शी दिलीप व रमेश ने बताया की देखने में बाघ जैसा जानवर लग रहा था। बताया कि गंगाराम पाल व प्रसादी, चंदिका के खेत में लगभग 300 मीटर दूर तक पदचिह्न मिले हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। जंगली जानवर की दस्तक से ग्रामीणों ने खेतों तरफ न जाने की बात कही है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने भी इलाके के बाशिंदों से अलर्ट रहने व सतर्कता बरतने की अपील की है।